भग़ल्लपुर में में धुरी यादव की हत्या पर फटा माहौल, बदमाशों ने एकदम सटा कर मारी हैं गोली


धूरी यादव की हत्या से पहले बदमाशों ने तगड़ा होमवर्क किया था। हत्यारों को पहले से पता था कि हमेशा प्राइवेट बॉडीगार्ड लेकर चलने वाले धूरी यादव के साथ सोमवार शाम को एक भी गनर या बॉडीगार्ड नहीं है। इसका बदमाशों को फायदा मिला और धूरी को उनके मोहल्ले में ही आसानी से मार डाला।

पुलिस यह जांच कर रही है कि आखिर किसने धूरी के बिना बॉडीगार्ड होने की जानकारी बदमाशों तक पहुंचाई। क्या धूरी का कोई करीबी हत्यारों से मिला हुआ है?

इसके लिए पुलिस तकनीकी अनुसंधान का भी सहारा ले रही है। धूरी का मोबाइल भी गायब बताया जा रहा है, जिसका पुलिस डिटेल निकाल रही है। उर्दू बाजार निवासी धूरी का अपने मोहल्ले में काफी दबदबा था। काली पूजा समिति में रहने के कारण मोहल्ले का बच्चा-बच्चा उन्हें पहचानता था। मोहल्ले में धूरी की इतनी बेदर्दी से हत्या हो जाएगी, यह किसी को यकीन भी नहीं हो पा रहा है। धूरी हमेशा निजी बॉडीगार्ड साथ लेकर चलते थे। उसमें कुछ गनर भी रहते थे।

बाइक की जगह चार पहिया गाड़ी का इस्तेमाल अाने-जाने के लिए करते थे। लेकिन सोमवार को न बॉडीगार्ड था अौर न ही चार पहिया गाड़ी। बाइक से ही धूरी मोहल्ले में काली पूजा का बकाया चंदा लेने के लिए सहयोगी अजय सिंह उर्फ पप्पू के साथ घूम रहे थे। देर रात पोस्टमार्टम के बाद लाश घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। महिलाओं की चीत्कार से मोहल्ला गूंज उठा।

 

पुरानी दुश्मनी 

हत्या के कारण पर परिजनों ने चुप्पी साध ली है। इलाके में धूरी की छवि दबंग के रूप में थी। पुराने कई अपराधियों से धूरी की दुश्मनी जगजाहिर थी। एक अपराधी की गिरफ्तारी के बाद उसने सार्वजनिक रूप से धूरी यादव की हत्या का एलान तक कर दिया था। धूरी की हत्या का एलान मीडिया की यह सुर्खियां भी बनी थी। पुलिस धूरी की हत्या को पुराने गैंगवार से भी जोड़कर देख रही है।

 

नाटे कद का था दोनों शूटर, तीसरे का नहीं चल सका पता


धुरी यादव की हत्या में शामिल दो शूटर नाटे कद का था। जबकि तीसरे शूटर की कद काठी का पता नहीं चल पाया है। वारदात के दौरान दोनों शूटरों को चश्मदीद ने गोली मारते हुए अौर भागते हुए देखा है। पुलिस नाटे कद के सुपारी किलरों की कुंडली खंगाल रही है, ताकि पहचान हो सके।

 

रात नाै बजकर 35 मिनट में पहुंची एफएसएल की टीम कहा – बदमाशाें ने किया है क्लाेज फायर :

 

रात नाै बजकर 35 मिनट पर एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम के पहुंचने के पहले ही वहां काेतवाली, तातारपुर, विश्वविद्यालय समेत अन्य पुलिस अफसर कैंप कर घटनास्थल काे घेर कर उसकी सुरक्षा में लगे थे। एफएसएल की टीम ने माैके पर खून से सने धूरी यादव की टाेपी की बारीकी से जांच करने के बाद यह माना कि इस वारदात में बदमाशाें ने क्लाेज फायर किया है। यानी काफी नजदीक से टारगेट कर गाेली चलाई गई है। बदमाशाें के गाेली चलाने का एंगल भी एफएसएल ने खंगाला पाया कि जिस तरीके से फायर हुअा है ये फायर प्राेफेशनल बदमाश ही कर सकते हैं। टीम ने धूरी के चप्पल की भी जांच कर उसे जब्त किया है। इसके अलावा घटनास्थल की फाेटाेग्राफी कराई गई है। खाेखे ढूंढने का प्रयास किया गया लेकिन खाेखा माैके पर नहीं मिला।


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