माधेपुरा के पुरैनी बाजार की रहने वाली 100 साल की शकुंतला देवी के परिवार ने 13 अक्टूबर 2026 को नाराजगी जताई है, क्योंकि भागलपुर में इलाज के लिए ले जाते समय उन्हें प्रशासनिक मदद नहीं मिली। शकुंतला देवी इलाज के लिए अक्सर एक प्राइवेट अस्पताल भागलपुर आती हैं और वह नवगछिया के जाह्नवी घाट से नाव के जरिए पहुंची थीं। उनके पोते दिनेश Kumar के अनुसार, परिवार को भरोसा दिलाया गया था कि स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स यानी एसडीआरएफ उनकी दादी को ले जाने में मदद करेगी।
नवगछिया घाट पहुंचने पर परिवार ने बताया कि उनकी गाड़ी को यह कहकर वापस लौटा दिया गया कि एसडीआरएफ के लोग उनकी मदद करेंगे। आखिरकार परिवार को कोई मदद नहीं मिली और नवगछिया से भागलपुर तक के पूरे सफर में उन्हें खुद ही उस बुजुर्ग महिला को उठाकर चलना पड़ा।
यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि 12 अक्टूबर 2026 को इसी इलाके में एसडीआरएफ ने मोटरबोट के जरिए बीमार शिक्षकों को गंगा नदी पार कराई थी। बिहार सरकार ने 2025-2030 के लिए 'सात निश्चय-3' जैसी योजनाएं शुरू की हैं, जिसमें बुजुर्गों के लिए घर-घर स्वास्थ्य सेवा और बुजुर्गों की मदद के लिए 'बुनियाद केंद्र' शामिल हैं, लेकिन परिवार ने कहा कि इस परेशानी के समय ऐसी कोई सेवा नजर नहीं आई। 13 अक्टूबर 2026 तक स्थानीय अधिकारियों की तरफ से देवी की मदद न मिलने को लेकर कोई आधिकारिक जवाब या जांच सामने नहीं आई है।