भागलपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) इकाई ने मंगलवार को जमुई जिले में एक छात्रा के साथ कथित उत्पीड़न के विरोध में एक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने सदर बाजार और प्रमुख मार्गों से मार्च किया, सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और निष्पक्ष व त्वरित जांच, मुख्य आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी तथा पीड़िता के लिए न्याय की मांग की।
- जमुई जिले में छात्रा के साथ कथित उत्पीड़न का मामला
- एबीवीपी भागलपुर इकाई द्वारा विरोध मार्च का आयोजन
- सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम
कार्यकर्ताओं ने सदर बाजार और प्रमुख मार्गों से मार्च किया, सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और निष्पक्ष व त्वरित जांच, मुख्य आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी तथा पीड़िता के लिए न्याय की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एबीवीपी जिला समन्वयक पीयूष भारती ने इस घटना को गंभीर और बेहद चिंताजनक बताया, इस बात पर जोर दिया कि शैक्षणिक संस्थानों और समाज में महिलाओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक संवैधानिक जिम्मेदारी है। एबीवीपी ने जमुई पुलिस और स्थानीय प्रशासन को कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि आरोपी जेल जाएं, 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है। भारती ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो संगठन राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।
भारती ने कहा कि संगठन महिला छात्रों की सुरक्षा और गरिमा के संबंध में किसी भी पुलिस लापरवाही या राजनीतिक दबाव को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने अपराधियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने और असामाजिक तत्वों को हतोत्साहित करने के लिए मामले में तेजी से सुनवाई (स्पीडी ट्रायल) की भी मांग की। एबीवीपी ने पीड़िता और उसके परिवार को न्याय मिलने तक विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मार्च के दौरान मौजूद प्रमुख हस्तियों में जिला विस्तारक राजीव रंजन, विभाग समन्वयक सूर्य प्रताप दुबे और छात्र किशन, दिव्यांशू, हर्ष, नवीन, निधि, साक्षी, प्रिया, चुनमुन, कुणाल, टिंकू व सोहम शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने सामूहिक रूप से बिहार सरकार से शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने का आग्रह किया।