अररिया में शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की नगर इकाई ने भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिवस शिक्षक दिवस के रूप में मनाया। यह कार्यक्रम शिवपुरी स्थित परिषद कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता नगर सचिव जितेंद्र प्रियांशु ने की। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्णिया विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य प्रोफेसर एम.पी. सिंह ने डॉ. राधाकृष्णन के चित्र के सामने दीप जलाकर किया।
अपने संबोधन में प्रोफेसर एम.पी. सिंह ने डॉ. राधाकृष्णन को भारतीय संस्कृति का पुरोधा, प्रख्यात शिक्षाविद और महान दार्शनिक बताया, जिन्होंने अपना जीवन शिक्षा और देश के युवाओं को समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि एक सच्चा शिक्षक छात्रों के दिमाग में तथ्य नहीं थोसता, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है। सिंह ने यह भी कहा कि हालांकि भारत ने शिक्षा के क्षेत्र में एक लंबा सफर तय किया है, लेकिन अभी भी इसमें काफी सुधार की जरूरत है।
उन्होंने आगे जोर दिया कि शिक्षकों और छात्रों के बीच एक दूरी पैदा हो गई है, जिसके लिए दोनों पक्ष समान रूप से जिम्मेदार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक शिक्षा को व्यापार माना जाएगा, तब तक शिक्षकों को वह सम्मान नहीं मिलेगा जिसके वे हकदार हैं। इस कार्यक्रम में कौशल आलम, ललित कुमार, विनीत कुमार, अंकित कुमार यादव, राजा कुमार, मोहन कुमार, सम्राट अभिषेक, सुमन कुमार, लक्ष्मी कुमारी, साक्षी कुमारी, तन्नू कुमारी, दानिश, अल्तमश और मोहम्मद तल्हा शामिल हुए।