भागलपुर के आदमपुर चौक का दुर्गा मंदिर अब अस्थायी से पक्के मंदिर में बदला जा रहा है। पूजा समिति के सभी लोगों की सहमति से यह फैसला लिया गया है कि नवगछिया के प्रसिद्ध टेटरी दुर्गा मंदिर की तर्ज पर अब यहाँ पक्का मंदिर बनाया जाएगा। बांस, बल्ली और कपड़े के पंडाल की पुरानी परंपरा को अब बदला जा रहा है।
- मंदिर निर्माण का काम नींव के पिलर डालने के साथ शुरू हो गया है।
- समिति ने साल 2027 तक इस पूरे काम को पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
- मेढ़पति विद्यानंद झा के अनुसार, अगले साल से भक्त नए पक्के मंदिर परिसर में पूजा कर सकेंगे।
- इस साल कोई भी दूसरे राज्यों या प्रसिद्ध मंदिरों की थीम पर पंडाल नहीं बनेगा।
चल रहे निर्माण कार्य के कारण इस साल समिति किसी भी दूसरे राज्य या प्रसिद्ध मंदिर की थीम पर आधारित पंडाल नहीं बनाएगी। इसकी बजाय, पारंपरिक पूजा-पाठ के लिए मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने के लिए एक साधारण पंडाल लगाया जाएगा।
आदमपुर चौक पर दुर्गा पूजा की शुरुआत साल 1954 में स्थानीय लोगों के मिलकर प्रयास करने से हुई थी। समय के साथ यह उत्सव काफी बड़ा हो गया और भव्य थीम आधारित पंडाल बनाने की परंपरा बन गई। खास तौर पर, साल 2019 में समिति ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध अलखतरा मंदिर की थीम बनाई थी और साल 2025 में मणिकपुरी दुर्गा मंदिर की थीम बनाई थी। इस प्रोजेक्ट की अगुवाई एक समिति कर रही है जिसके अध्यक्ष राकेश कुमार दुबे (गुड्डू दुबे) और सचिव डॉ. आनंद मिश्रा हैं। इसके अलावा इस काम में सक्रिय रूप से जुड़े अन्य सदस्यों में घनश्याम पासवान, विनोद सिंह, नीरज साह, राजा मंडल, शशि कुमार, सौरभ साह, मनीष मंडल, गुड्डू पासवान और भास्कर तिवारी शामिल हैं।