वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर भड़का AICCTU, भागलपुर की सड़कों पर उतरे मजदूर
भागलपुर में AICCTU ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने और नए लेबर कोड के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठी।

भागलपुर में शुक्रवार को ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (AICCTU) के नेतृत्व में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। यह प्रदर्शन स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और मतदाता सूची से कथित तौर पर 13 करोड़ नामों को हटाए जाने के खिलाफ था। प्रदर्शनकारियों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए इस पूरी प्रक्रिया को रद्द करने और हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम वापस जोड़ने की मांग की।
यह विरोध सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नाथनगर, जगदीशपुर और शाहकुंड ब्लॉक के सीमावर्ती गांवों तक फैल गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पुरुष और महिला मजदूरों ने हिस्सा लिया। AICCTU के राज्य संयुक्त जिला सचिव मुकेश मुक्त के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया का उद्देश्य हर पात्र नागरिक को शामिल करना होना चाहिए, न कि उन्हें बाहर करना।
चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और लेबर कोड का विरोध
प्रदर्शन के दौरान गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि SIR के वर्तमान मानदंड मजदूरों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं जैसे हाशिए पर रहने वाले वर्गों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके हटने और उनके खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग की। आरोप लगाया गया कि चुनाव आयोग भाजपा के दबाव में आकर असंवैधानिक तरीके से मतदाता सूची से नाम हटा रहा है।
वोटर लिस्ट के मुद्दे के साथ-साथ इस प्रदर्शन में चार लेबर कोड का भी कड़ा विरोध किया गया। मुकेश मुक्त ने इन कोड्स को मजदूरों के अधिकारों और नौकरी की सुरक्षा पर सीधा हमला बताया। इस विरोध प्रदर्शन में राजेश कुमार, दिनेश कापरी, मुनेश्वर राय, रूपा देवी, राजाराम मंडल, एहसान और अनवर समेत कई कार्यकर्ता शामिल थे। AICCTU ने चेतावनी दी है कि जब तक SIR प्रक्रिया रद्द नहीं होती और मजदूरों व मतदाताओं के अधिकारों की बहाली नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।