भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल के खरीक प्रखण्ड में राघोपुर–काजीकोरैया तटबंध टूटने पर भागलपुर के पूर्व विधायक सह अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्य अजीत शर्मा ने बिहार सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही का एक नायाब नमूना करार दिया है। इस खबर की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं। भागलपुर के खरीक प्रखण्ड में राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध टूट गया है। पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। तटबंध टूटने को प्रशासनिक लापरवाही और खुली लूट बताया गया है। मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
अजीत शर्मा ने कहा कि सरकार के मंत्रियों, बड़े अफसरों और सिंचाई विभाग के अभियंताओं द्वारा तटबंध की सुरक्षा को लेकर लगातार किए जा रहे बड़े-बड़े दावों की इस घटना ने पोल खोलकर रख दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तटबंधों की मरम्मत के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद तटबंध का टूटना मंत्रियों, अभियंताओं और ठेकेदारों की मिलीभगत से हो रही खुली लूट का नतीजा है।
पूर्व विधायक ने क्षेत्रीय मंत्रियों को घेरते हुए कहा कि यह बेहद हैरतअंगेज है कि बिहपुर विधानसभा क्षेत्र के निवासी शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल और ई. शैलेंद्र कुमार, दोनों ही इस समय बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।
इसके बावजूद उनके अपने क्षेत्र में तटबंध का भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाना एक गंभीर मामला है और यह निश्चित रूप से गहन जांच का विषय है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले की तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही अजीत शर्मा ने कहा कि इस समय राजनीति से ऊपर उठकर बाढ़ प्रभावितों की सुरक्षा और राहत का इंतजाम युद्ध स्तर पर करने की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे आपदा के इस मुश्किल दौर में बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद के लिए आगे आएं।
उन्होंने पीड़ित परिवारों को भरोसा देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है।