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आकाशवाणी के मशहूर उद्घोषक बिरजू भाई नहीं रहे, दिल का दौरा पड़ने से 63 साल की उम्र में निधन

Pooja Kanjani23 February 20262 min read0 views
आकाशवाणी के मशहूर उद्घोषक बिरजू भाई नहीं रहे, दिल का दौरा पड़ने से 63 साल की उम्र में निधन

भागलपुर आकाशवाणी की पहचान बन चुके डॉ. विजय कुमार मिश्र, जिन्हें लोग प्यार से ‘बिरजू भाई’ कहते थे, अब हमारे बीच नहीं रहे। रविवार, 22 फरवरी 2026 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। वे 63 वर्ष के थे। पिछले तीन दशकों से उनकी आवाज पूर्वी बिहार के गांव-गांव में गूंजती थी। उनके निधन की खबर से श्रोताओं और उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई है। वे अपने अनोखे अंदाज के लिए ‘आवाज के जादूगर’ माने जाते थे।

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बीमारी और अंतिम संस्कार की जानकारी

बिरजू भाई पिछले करीब तीन महीनों से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज पहले कोलकाता में चल रहा था, जहां से कुछ दिन पहले ही वे वापस अपने घर आए थे। वे भागलपुर के तिलकामांझी के पास कठलबड़ी मोहल्ले के निवासी थे। रविवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें तुरंत तिलकामांझी स्थित डॉ. वीरेंद्र के क्लिनिक ले जाया गया, लेकिन वहां उन्हें बचाया नहीं जा सका।

डॉक्टरों के मुताबिक, उनका निधन कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) की वजह से हुआ है। उनका अंतिम संस्कार सोमवार, 23 फरवरी 2026 को भागलपुर के बरारी श्मशान घाट पर किया जाएगा। वे अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और दो बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

33 साल तक आकाशवाणी पर राज किया

डॉ. विजय कुमार मिश्र 1990 में उद्घोषक के रूप में आकाशवाणी भागलपुर से जुड़े थे। 31 दिसंबर 2023 को वे 33 साल से ज्यादा की सेवा देने के बाद रिटायर हुए थे। ‘बिरजू भाई’ का अंदाज इतना निराला था कि वे किसानों और ग्रामीण लोगों के दिलों में बसते थे। उनका तकियाकलाम ‘बिरजू भाई का नमस्कार’ आज भी लोगों को याद है।

उनके कुछ मशहूर कार्यक्रम इस प्रकार थे:

  • ग्राम जगत: इसमें उनकी आवाज सुनने के लिए किसान शाम को रेडियो के पास बैठ जाते थे।
  • खेती गृहस्थी: किसानों को खेती की नई जानकारी देने वाला यह शो बहुत लोकप्रिय था।
  • फ़ोन-इन आपकी पसंद: इस शो के जरिए वे श्रोताओं से सीधे जुड़ते थे और उनकी पसंद के गीत सुनवाते थे।

उनके निधन पर स्वामी आगमानंद जी महाराज, विधायक रोहित पांडेय और आकाशवाणी के कई सहकर्मियों ने गहरा दुख जताया है। लोगों का कहना है कि उन्होंने पारंपरिक रेडियो को नए जमाने के श्रोताओं से जोड़े रखा।

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