अकबरनगर में कचरे का अंबार: 8 दिनों से हड़ताल पर हैं सफाईकर्मी, शहर बेहाल

भागलपुर के अकबरनगर नगर पंचायत में सफाईकर्मियों की हड़ताल गुरुवार को लगातार आठवें दिन भी जारी रही। इस वजह से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है।
- सफाईकर्मियों की हड़ताल आठवें दिन भी जारी।
- शहर के वार्डों और गलियों में जमा हुआ कचरे का ढेर।
- सभी कर्मचारियों को नौकरी पर रखने की मांग।
- शहरी विकास एवं आवास विभाग के मंत्री को सौंपा गया आवेदन।
कचरे से पटा शहर, व्यवस्था ठप
नगर पंचायत के सफाईकर्मी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिससे पूरे शहर में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। पिछले 19 दिनों में सफाई का काम केवल चार दिन ही हो पाया है। इस संकट के बीच कर्मचारियों ने शहरी विकास एवं आवास विभाग के मंत्री को औपचारिक याचिका सौंपी है। नगर पंचायत प्रशासन, सफाईकर्मियों और नई एजेंसी के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।
नई एजेंसी और छंटनी का विवाद
सफाईकर्मी मिथुन और चंदन ने बताया कि वेतन न मिलने को लेकर पहले भी हड़ताल हुई थी, जो प्रशासन के आश्वासन के बाद खत्म हुई थी। काम शुरू होने के चार-पांच दिन बाद नई एजेंसी ने कर्मचारियों की संख्या कम करने की बात कही। पुरानी एजेंसी के तहत 50 से ज्यादा सफाईकर्मी थे, लेकिन नई एजेंसी ने फंड की कमी का हवाला देते हुए केवल आधे कर्मचारियों को रखने की बात कही है।
कर्मचारियों की मांग और प्रशासन का पक्ष
सफाईकर्मियों की मांग है कि सभी मौजूदा कर्मचारियों को बरकरार रखा जाए और समय पर वेतन दिया जाए। वहीं, नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि अंजीत कुमार ने बताया कि फंड की कमी के कारण वेतन में देरी हो रही है। इसी वजह से नई एजेंसी ने कर्मचारियों की संख्या सीमित की है ताकि भुगतान समय पर हो सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस समस्या को सुलझाने और सफाई सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए काम कर रहा है।