अकबरनगर में टूटा श्रीरामपुर रिंग बांध, बाढ़ से सात हजार आबादी प्रभावित

भागलपुर के अकबरनगर और आसपास के इलाकों में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ ने गंभीर रूप ले लिया है। अचानक पानी के भारी दबाव के कारण श्रीरामपुर रिंग बांध टूट गया है।
मुख्य बिंदु:
- श्रीरामपुर रिंग बांध टूटने से पूरा श्रीरामपुर गांव जलमग्न हो गया है।
- कई गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने से सात हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
- ग्रामीणों ने घरों में पानी घुसने पर छतों और सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है।
- ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है।
बाढ़ का प्रकोप और अफरा-तफरी
अचानक पानी के भारी दबाव की वजह से श्रीरामपुर रिंग बांध टूट गया, जिससे पूरा श्रीरामपुर गांव जलमग्न हो गया है। बांध ध्वस्त होने से इलाके के कई गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है, जिससे लगभग सात हजार से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। रिंग बांध के टूटने से श्रीरामपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। घरों में तेजी से पानी प्रवेश करता देख ग्रामीण अपनी जान बचाने और गृहस्थी का जरूरी सामान समेटकर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। कई परिवारों ने छतों पर शरण ले रखी है, तो कई लोग राहत शिविरों या मुख्य सड़कों की ओर पलायन कर रहे हैं。
ग्रामीणों के प्रयास और प्रशासन पर आरोप
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से बाढ़ के पानी में लगातार हो रही वृद्धि के कारण रिंग बांध पर दबाव बेहद बढ़ गया था। रविवार की सुबह से ही ग्रामीणों ने पानी का भारी दबाव देखकर अपनी तरफ से बांध को बचाने का काफी प्रयास किया। लेकिन दोपहर होते-होते बांध में अचानक बड़ी दरारें आ गईं और तेज बहाव के कारण वह पूरी तरह टूट गया। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बांध पर बढ़ते खतरे को देखते हुए समय रहते अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से बांध को सुरक्षित रखने या मरम्मत का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया, जिसका खामियाजा आज हजारों की आबादी को भुगतना पड़ रहा है। फिलहाल प्रभावित इलाकों में लोग खुद के भरोसे सुरक्षित जगहों की तलाश में जुटे हैं और सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं।