अनंत चतुर्दशी पर झूमा भागलपुर, जानिए क्यों खास है यह पावन पर्व

MyBhagalpur Team25 September 20261 min read1 viewCity Local
अनंत चतुर्दशी पर झूमा भागलपुर, जानिए क्यों खास है यह पावन पर्व

भागलपुर जिले के कहलगांव सहित विभिन्न प्रखंडों में अनंत चतुर्दशी का पावन पर्व पूरे श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। सुबह से ही घरों, मंदिरों और पूजा पंडालों में धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

कहलगांव क्षेत्र के पश्चिम टोला एकचारी-भोलसर स्थित मां शारदे क्लब की ओर से चांदनी चौक के कीर्तन पंडाल में सामूहिक अनंत पूजा एवं कथा का आयोजन किया गया। सामूहिक पूजा में एकचारी पंचायत की सरपंच रंजना कुमारी ने यजमान के रूप में भगवान अनंत का आह्वान किया, जबकि पंडित बबलू ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई। श्रद्धालुओं ने कच्चे सूत से बने 14 गांठ वाले पवित्र अनंत सूत्र की पूजा की। इसके बाद पुरुषों ने दाहिनी भुजा तथा महिलाओं ने बाईं भुजा पर अनंत सूत्र धारण कर व्रत खोला और प्रसाद ग्रहण किया।

शंकर चौक मंदिर में उमड़ी भीड़


वहीं, शंकर चौक मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यहाँ श्रद्धालुओं ने अनंत चतुर्दशी के साथ सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी और दूध-दही से बने प्रतीकात्मक क्षीरसागर में कुश से निर्मित अनंत भगवान का मंथन कर विशेष पूजा की।

धार्मिक महत्व और मान्यता


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अनंत सूत्र की 14 गांठें भगवान विष्णु द्वारा रचित 14 लोकों का प्रतीक हैं। यह व्रत महाभारत काल से जुड़ा है, जब भगवान श्रीकृष्ण की सलाह पर पांडवों ने अपना खोया हुआ राजपाठ और वैभव वापस पाने के लिए इस व्रत को किया था। पूरे क्षेत्र में दिनभर “ॐ अनंताय नमः” और “भगवान अनंत की जय” के जयघोष गूंजते रहे।

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