बिहार स्टेट आंगनवाड़ी यूनियन और इंटक से जुड़ी आंगनवाड़ी सेविकाओं ने मंगलवार को ठाकुरगंज स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय के बाहर एक दिन का धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से दोपहर 3 बजे तक चला। इसमें मानदेय बढ़ाने, मोबाइल खर्च का भत्ता बढ़ाने और सेवानिवृत्ति के बाद ग्रेच्युटी का लाभ देने जैसी कई मुख्य मांगें उठाई गईं।
- मानदेय न्यूनतम वेतन के बराबर करने की मांग
- मोबाइल खर्च के लिए बाजार दर के हिसाब से भत्ता
- सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी और वित्तीय सुरक्षा की मांग
प्रदर्शन के बाद सेविकाओं ने बिहार सरकार के नाम एक ज्ञापन बाल विकास परियोजना अधिकारी नागेंद्र कुमार को सौंपा। उन्होंने आग्रह किया कि इन मांगों को संबंधित मंत्रियों तक पहुंचाया जाए। इस दौरान सेविकाओं ने आंगनवाड़ी केंद्र चलाने, बच्चों को पोषण देने और गांव के स्तर पर सरकारी योजनाएं लागू करने में अपनी जरूरी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने अपनी पुरानी सेवा और वित्तीय मांगों पर काम आगे न बढ़ने पर नाराजगी जताई।
मुख्य मांगों में महंगाई से निपटने के लिए मानदेय को न्यूनतम वेतन के बराबर करना और टुकड़ों में मिलने वाले भुगतान को खत्म करके पूरा मासिक भुगतान देना शामिल है। जहरा खातून, कोहिनूर बेगम, कमली कुमारी और सुनीता देवी ने सम्मानजनक मानदेय की जरूरत पर जोर दिया। मोबाइल खर्च को लेकर तुली देवी, शुभ्रा रानी घोष और लाजुना परवीन ने कहा कि मोबाइल के जरूरी सरकारी इस्तेमाल के लिए मौजूदा भत्ता बहुत कम है। इसलिए इसमें बाजार दर के हिसाब से बदलाव किया जाए।
इसके अलावा सेविकाओं ने सालों की सेवा के बाद वित्तीय सुरक्षा पक्की करने के लिए ग्रेच्युटी जैसे सेवानिवृत्ति लाभों की मांग की। इस प्रदर्शन का समर्थन मतिउर रहमान, विकास कुमार सिन्हा, डॉ. मोहम्मद लाल, डॉ. इम्तियाज आलम उमदी शाह, जाहिद आलम और अजमल सानी ने किया। इस प्रदर्शन में जहरा खातून, कोहिनूर बेगम, कमली कुमारी, सुनीता देवी, तुली देवी, शुभ्रा रानी घोष और लाजुना परवीन समेत बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कर्मचारी शामिल हुईं। अब ये सभी कर्मचारी अपनी बताई गई मांगों पर सरकार की तरफ से आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रही हैं।