बहबलपुर में स्थापित होगी बिहार की सबसे विशाल 32 फीट ऊंची मां वामकाली की प्रतिमा
भागलपुर के बहबलपुर में 400 साल पुरानी परंपरा के साथ स्थापित होगी बिहार की सबसे विशाल मां वामकाली प्रतिमा। जानें पूरा शेड्यूल।

भागलपुर जिले के नाथनगर प्रखंड में इन दिनों जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। रामपुर खुर्द पंचायत का बहबलपुर गांव इस समय काली पूजा की तैयारियों में जुटा है, क्योंकि यहां बिहार की सबसे विशाल प्रतिमाओं में से एक, मां वामकाली की 32 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जा रही है। इस भव्य आयोजन को देखने और मां के दर्शन करने के लिए हर साल हजारों श्रद्धालु दूर-दराज से यहां पहुंचते हैं।
इस पूजा की परंपरा कोई नई नहीं है, बल्कि यह करीब 400 साल पुरानी ऐतिहासिक विरासत है। समिति के मेढ़पति अजय सिंह ने बताया कि सदियों पहले गांव के ही काली सिंह को मां काली ने सपने में दर्शन दिए थे और पीपल के पेड़ के नीचे अपनी स्थापना करने का आदेश दिया था। तब से लेकर आज तक यह परंपरा अटूट है और आज भी मां की मुख्य पिंडी उसी प्राचीन पीपल के वृक्ष के नीचे स्थित है।
श्रद्धा और भव्यता का संगम: जानें पूरा कार्यक्रम
प्रतिमा की विशालता ऐसी है कि मूल रूप से इसकी ऊंचाई 32 फीट है, लेकिन जब इस पर भव्य मुकुट और विशेष साज-सज्जा की जाती है, तो यह करीब 35 फीट तक पहुंच जाती है। इस अद्भुत प्रतिमा को अंतिम रूप देने के लिए कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। पूजा समिति ने आने वाले दिनों के लिए एक विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया है:
- 8 नवंबर: देर रात वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां की प्रतिमा की विधिवत स्थापना की जाएगी।
- 9 नवंबर: मंदिर प्रांगण में पारंपरिक तरीके से पाठा बलि का आयोजन होगा।
- 10 नवंबर: श्रद्धालुओं के लिए एक भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
- 11 नवंबर: गाजे-बाजे और जयकारों के साथ मां की भव्य विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में इस विशाल प्रतिमा को लेकर भारी उत्सुकता है, जो एक बार फिर आस्था और कला के अनूठे संगम को प्रदर्शित करेगी।