बैंक कर्मियों की बड़ी हड़ताल, पांच दिन काम की मांग

राधा रानी सिंह रोड पर गुरुवार शाम को बैंक कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक Unions के आह्वान पर यह विरोध प्रदर्शन बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक के जोनल कार्यालयों के पास हुआ। शाम करीब 5:45 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन के बाद फोरम के अखिल भारतीय आंदोलन कार्यक्रम के तहत एक सभा भी हुई। बारिश के बावजूद लगभग 150 बैंक कर्मी, जिनमें करीब 25 महिलाएं भी शामिल थीं, अपनी मांगों को उठाने के लिए इस प्रदर्शन में शामिल हुए। यह बैठक 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल की तैयारियों पर केंद्रित थी। सदस्यों ने हड़ताल को सफल बनाने का सर्वसम्मति से संकल्प लिया। कार्यक्रम में मनीष कुमार, गुंजेश कुमार, अहमद और नवनीत कुमार सहित कई वक्ताओं ने विचार रखे, जबकि संयोजक अरविंद कुमार Rama ने सभी कर्मचारियों से पूरी ताकत के साथ हड़ताल का समर्थन करने का आह्वान किया। मुख्य मांगों में बैंकों में पांच दिन के कार्य सप्ताह को तुरंत लागू करना शामिल है, जिसके बारे में नेताओं ने बताया कि यह भारतीय बैंक संघ की मंजूरी के बावजूद ढाई साल से भारत सरकार के पास लंबित है। 12वें द्विपक्षीय समझौते के तहत अन्य मांगों में नई भर्तियों के लिए समाधान में तेजी लाना, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, पेंशन अपडेशन और डीए मर्जर शामिल हैं। बैंकों ने ग्राहकों को एसएमएस अलर्ट भेजने शुरू कर दिए हैं, जिसमें उन्हें 28 से 30 सितंबर तक बैंक बंद रहने के दौरान असुविधा से बचने के लिए 25 सितंबर तक अपने जरूरी बैंक शाखा स्तर के काम पूरे करने की सलाह दी गई है। हड़ताल के दौरान काउंटर सेवाएं प्रभावित रहेंगी, लेकिन बैंकों ने स्पष्ट किया है कि एटीएम, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई और बैंक मित्र सेवाओं समेत डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी।