बांका में आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच के लिए खास टीमें गठित, डीएम का सख्त निर्देश

बांका जिला प्रशासन ने डीएम अंशुल अग्रवाल के आदेश पर आंगनबाड़ी केंद्रों और राशन वितरण की जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। इन टीमों में बीडीओ, प्रोग्राम ऑफिसर, पंचायती राज अधिकारी, कृषि अधिकारी और आपूर्ति अधिकारी शामिल हैं।
- आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यापक जांच के लिए विशेष टीमें बनाई गईं
- टेक होम राशन वितरण और रजिस्टर की होगी जांच
- बच्चों की उपस्थिति और सुविधा प्रबंधन का आकलन किया जाएगा
जांच टीमों के कार्य
यह टीमें टेक होम राशन के वितरण की जांच करेंगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लाभार्थियों को उनका निर्धारित राशन मिल रहा है और वितरण रजिस्टर सही से मेंटेन किया जा रहा है। जांच में केंद्र के कामकाज, बच्चों की उपस्थिति और सुविधा प्रबंधन का आकलन भी किया जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
समीक्षा बैठक और निर्देश
यह पहल 9 सितंबर 2026 को जिला मजिस्ट्रेट अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई आईसीडीएस की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के बाद शुरू की गई है। बैठक के दौरान, जिला मजिस्ट्रेट ने राज्य स्तरीय पोषण ट्रैकर संकेतकों में बांका की कम रैंकिंग पर गहरी असंतोष व्यक्त किया और एक सप्ताह के भीतर प्रदर्शन में सुधार करने का सख्त आदेश दिया था।
अन्य प्रशासनिक निर्देश
किराए के स्थान पर चल रहे 491 आंगनबाड़ी केंद्रों की सूचियां नए निर्माण के लिए तुरंत जमा करने को कहा गया है। अर्द्ध-निर्मित और गैर-कार्यशील केंद्रों की स्थिति रिपोर्ट दो दिनों के भीतर मांगी गई है। अधिकारियों को फेस रिकग्निशन सिस्टम का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का आदेश दिया गया है, जो वर्तमान में 97.05 प्रतिशत है। इन उपायों के माध्यम से प्रशासन पारदर्शिता बढ़ाना और पोषण सहायता को प्रभावी बनाना चाहता है।