जीतिया पर्व से पहले बांका के पापहरिणी सरोवर में भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे। महिलाओं ने बच्चों की लंबी उम्र, सेहत और तरक्की के लिए पारंपरिक रस्में निभाईं। सुबह-सुबह ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था, जिससे सरोवर के आसपास का माहौल जीवंत हो गया। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्र में मनाए जाने वाले इस पर्व में महिलाएं बिना कुछ खाए-पिए निर्जला व्रत रखती हैं।
2026 के शेड्यूल के मुताबिक यह तीन दिन का व्रत 2 अक्टूबर को नहाय-खाए से शुरू होगा। इसमें श्रद्धालु पवित्र स्नान करके सात्विक भोजन करते हैं। मुख्य व्रत 3 अक्टूबर को होगा और 4 अक्टूबर की सुबह 7:28 बजे के बाद पारण के साथ व्रत खुलेगा।
पूजा का सामान, फल और जरूरी चीजें खरीदने के लिए लोगों के आने से बांका के स्थानीय बाजारों में भी भीड़ बढ़ गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि पापहरिणी सरोवर हर साल इस पर्व के लिए मुख्य जगह रहता है, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं जोश के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लेती हैं।