बांका जिले के टप्पाडीह गांव में रविवार को नवगछिया एसपी के रीडर और सब-इंस्पेक्टर योगेश कुमार की मौत के बाद तनाव फैल गया।शव गांव पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने बरहाट के पास भागलपुर-dumka मुख्य मार्ग को तीन घंटे तक जाम कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने तिरंगा लेकर योगेश कुमार अमर रहे, भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए।उनकी मांग थी कि योगेश की पत्नी, ससुर और साले को मौके पर बुलाया जाए और घटना की सीबीआई जांच हो। बौंसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा और बरहाट थाना अध्यक्ष अशोक कुमार के पुलिस बल के साथ पहुंचने और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद ही जाम हटाया गया। योगेश के पिता ने बरहाट थाने में लिखित आवेदन देकर सीबीआई जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।
योगेश कुमार को 16 अक्टूबर को ही सब-इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नति मिली थी। 1 जुलाई को उन्होंने नाथनगर के मखानपुर निवासी गुड़िया कुमारी से अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से दोनों के बीच अनबन चल रही थी और ससुराल वालों से भी रिश्ते तनावपूर्ण थे, जिसके कारण ग्रामीणों ने आत्महत्या की संभावना से इनकार किया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को योगेश नवगछिया पुलिस लाइन स्थित अपने क्वार्टर में फंदे से लटके मिले। जांच में पता चला कि शुक्रवार रात उन्होंने अपनी पत्नी गुड़िया देवी को व्हाट्सएप पर पनीर पकोड़े की फोटो भेजी थी। शनिवार सुबह करीब 6 बजे जब योगेश ने फोन नहीं उठाया, तो गुड़िया देवी ने योगेश के बैचमेट नागेश कुमार की पत्नी को फोन कर नागेश को देखने को कहा। क्वार्टर पहुंचने पर जब कोई जवाब नहीं मिला, तो खिड़की से झांकने पर शव दिखाई दिया। पुलिस ने कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है जिसमें सामाजिक परंपराओं, शादी और सामाजिक प्रतिष्ठा का जिक्र है। फॉरेसिक टीम नोट की लिखावट और उसकी असलियत की जांच कर रही है।