बांका जिले के सिंघनान में स्थित दुर्गा मंदिर का इतिहास लगभग 177 साल पुराना है। संतोष की रिपोर्ट के अनुसार, इस मंदिर में शारदीय नवरात्रि के दौरान विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
- पारंपरिक बंगाली रीति-रिवाजों से होती है मां दुर्गा की पूजा
- क्षेत्र में है इस प्राचीन मंदिर का बड़ा धार्मिक महत्व
- नवरात्रि में उमड़ती है भारी संख्या में भक्तों की भीड़
बांका जिला के सिंघनान स्थित दुर्गा मंदिर लगभग 177 साल पुराना है। इस मंदिर में माता दुर्गा की पूजा पारंपरिक बंगाली रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार की जाती है। अपनी पुरानी धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों के कारण यह मंदिर इस क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
नवरात्रि के दिनों में उन भक्तों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होती है जो अपने परिवार की सेहत, तरक्की और खुशी के लिए प्रार्थना करने और आशीर्वाद मांगने आते हैं। स्थानीय भक्त बहुत गहरी आस्था के साथ इन पुरानी पूजा परंपराओं को निभा रहे हैं। इस मंदिर में बलि की प्रथा भी चली आ रही है। इलाके की सांस्कृतिक धरोहर का अहम हिस्सा माने जाने वाले इस मंदिर में नवरात्रि के पूरे समय भक्ति का माहौल बना रहता है।