भागलपुर में अंगिका कहानी संग्रह 'बौधा के मालिक सीताराम' का हुआ लोकार्पण

भागलपुर में रविवार को अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच की ओर से वरिष्ठ कहानीकार, नाटककार और रंगकर्मी शितांशु अरुण के अंगिका कहानी संग्रह 'बौधा के मालिक सीताराम' का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। यह पुस्तक भामाशाह चौक के पास स्थित राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में जारी की गई।
इस कार्यक्रम में वरिष्ठ हिंदी और अंगिका साहित्यकार डॉ. अमरेंद्र ने बताया कि अंगिका कहानियां लोगों को परिवार और समाज से जोड़ने का काम करती हैं। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के हिंदी-अंगिका विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. मधुसूदन झा ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि इस कहानी संग्रह में असली अंगिका शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जो भाषा में जान डालते हैं।
अंगिका भाषा और शब्दावली पर चर्चा
वरिष्ठ साहित्यकार रंजन ने ग्रामीण इलाकों में भी अंगिका शब्दावली के गायब होने पर चिंता जताई। लेखक शितांशु अरुण ने जोर देकर कहा कि उनका यह प्रयास अंग क्षेत्र के लोगों को अपनी मातृभाषा अंगिका को समझने और उससे जुड़े रहने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से है।
इस कार्यक्रम का संचालन राजकुमार ने किया। इसमें अन्य लोगों के अलावा नाटककार सत्यनारायण मंडल भी शामिल हुए।