भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (BCE) का प्रशासनिक भवन और लड़कों का हॉस्टल गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से पूरी तरह डूब गया है। कॉलेज का कामकाज बिना रुकावट के चलता रहे, इसके लिए प्राचार्य डॉ. विमलेश कुमार ने दूसरे इंतजाम किए हैं। - गंगा का पानी भरने से BCE का प्रशासनिक भवन और लड़कों का हॉस्टल डूबा। - कॉलेज का ऑफिस अब गेस्ट हाउस में और परीक्षाएं IIIT कैंपस में होंगी। - छात्रों की ऑनलाइन क्लासेस शनिवार से शुरू हो गई हैं।
शनिवार को प्राचार्य ने आदेश दिया कि कॉलेज के ऑफिस को नेशनल हाईवे के पास प्राचार्य आवास के नजदीक बने BCE गेस्ट हाउस में शिफ्ट किया जाए, जहां बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है। इसके अलावा सभी सेमेस्टर की जो पूरक परीक्षाएं 7 सितंबर से 12 सितंबर तक होने वाली थीं, वे अब IIIT कैंपस में कराई जाएंगी। प्राचार्य ने पुष्टि की है कि IIIT के निदेशक ने इसके लिए कक्षाएं देने की सहमति दे दी है।
पढ़ाई के संबंध में छात्रों की ऑनलाइन क्लासेस शनिवार से शुरू हो गई हैं। शिक्षकों ने छात्रों को शेड्यूल भेज दिया है और निर्देश दिया गया है कि इन क्लासों के दौरान अटेंडेंस ली जाए ताकि सभी छात्रों की उपस्थिति दर्ज हो सके। प्राचार्य ने जोर देकर कहा कि इन क्लासों को चलाने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाढ़ के कारण गेट नंबर 2 डूबा हुआ है और गेट नंबर 1 के पास सड़क किनारे अधूरा निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे अंदर जाना मुमकिन नहीं है। इसलिए प्राचार्य अपने आवास की सड़क की सीमा के पास मुख्य गेट की मरम्मत करवा रहे हैं ताकि स्टाफ और छात्रों के वाहन आसानी से आ-जा सकें।