शारद पूर्णिमा पर भागलपुर में बंगाली समाज ने की मां लक्खी की पूजा

भागलपुर में बंगाली समाज ने बहुत ही धार्मिक उत्साह के साथ शरद पूर्णिमा का त्योहार मनाया। शहर के विभिन्न घरों और मंदिरों में मां लक्ष्मी की पूजा यानी मां लक्खी पूजा की गई।
प्रमुख स्थान जहां ये उत्सव मनाए गए:
- काली बाड़ी, दुर्गा बाड़ी, मारवाड़ी पाठशाला और रेलवे वेस्ट कॉलोनी में मूर्तियां स्थापित कर पूजा हुई।
- चंपानगर बंगाली टोला, मशकचक, खरमनचक, मुंदीचक, मानिक सरकार घाट रोड, बड़ी खंजरपुर और बरारी रिफ्यूजी कॉलोनी में भी पूजा हुई।
- बरारी काजीपाड़ा कॉलोनी और सिंहबाड़ी में सामूहिक पूजा का आयोजन किया गया।
पूजा की तैयारियां और आयोजन
इस उत्सव की तैयारियां कालीबाड़ी दुर्गा पूजा समिति द्वारा की गईं, जिसकी देखरेख महासचिव बिलास कुमार बागची ने की। इसमें देवाशीष बनर्जी और तरुण घोष जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सहयोग किया। मुख्य लक्ष्मी पूजा से पहले सत्यनारायण कथा का पाठ किया गया और सूर्यास्त के बाद मुख्य पूजा शुरू हुई। सभी ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की।
विशेष परंपराएं और गंगा स्नान
इस दिन नए बर्तन और गहने खरीदने की परंपरा निभाई गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बरारी सीढ़ी घाट और पुल घाट जैसे स्थानीय गंगा घाटों पर पवित्र डुबकी लगाने पहुंचे। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर अलर्ट रखा था।
इस दिन की सबसे खास परंपरा यह थी कि चांदनी रात में खीर रखी गई। लोगों का मानना है कि चंद्रमा की 16 कलाएं इस प्रसाद में अमृत बरसाती हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भागलपुर में 25 जगहों पर कार्यक्रम आयोजित किए। आनंदाराम ढंढानिया सरस्वती विद्या मंदिर में 151 स्वयंसेवकों की सभा हुई, जहां चांदनी रात में खीर रखने की परंपरा का पालन किया गया।