भागलपुर नगर निगम ने शहर में जलजमाव की पुरानी समस्या को दूर करने के लिए 200 करोड़ रुपये की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज परियोजना का खाका तैयार किया है। इस बड़ी योजना से शहरवासियों को जलजमाव से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और सभी 51 वार्डों में काम किया जाएगा।
मुख्य बातें:
- 200 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट।
- सभी 51 वार्डों में 74 किलोमीटर लंबा ड्रेनेज नेटवर्क बनेगा।
- जलजमाव की समस्या में 90 प्रतिशत तक कमी आएगी।
- सोमवार को स्मार्ट सिटी ऑडिटोरियम में मेयर डॉ. वसुंधरा लाल की अध्यक्षता में डीपीआर की समीक्षा हुई।
यूनिफॉर्म इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड एजेंसी द्वारा डिजाइन किए गए इस प्रस्तावित नेटवर्क से शहर के दक्षिणी, पश्चिमी, केंद्रीय और पूर्वी हिस्सों के मौजूदा नाले जुड़ेंगे। योजना में तीन अलग-अलग निर्माण चरण हैं: पहले चरण में 9 किलोमीटर, दूसरे चरण में 10 किलोमीटर और तीसरे चरण में 54 किलोमीटर का काम होगा। कुल लंबाई 73 किलोमीटर बताई गई है, जबकि पूरी परियोजना को 74 किलोमीटर कहा गया है। इस अंतर को अंतिम स्वीकृत डीपीआर में स्पष्ट किया जाएगा। पानी के बहाव को आसान बनाने के लिए सिस्टम में सात इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन होंगे, जिनमें छह अस्थायी और एक स्थायी पंपिंग स्टेशन शामिल हैं। योजना के तहत पानी को ट्रीटमेंट के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भेजा जाएगा और दक्षिणी क्षेत्र का पानी स्थायी पंपिंग स्टेशन के जरिए गोड़होई नदी में गिराया जाएगा।
मेयर डॉ. वसुंधरा लाल ने कहा है कि उन्होंने जरूरी फंड जुटाने के लिए संबंधित मंत्री के साथ बातचीत शुरू कर दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसका उद्देश्य वित्तीय मंजूरी हासिल करना और निवासियों को जल्द से जल्द राहत देने के लिए चरणों में निर्माण शुरू करना है। वर्तमान में निर्माण के लिए कोई आधिकारिक शुरुआत की तारीख या पूरा होने की समयसीमा तय नहीं है। समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त, सिटी मैनेजर, कार्यालय अधीक्षक, वार्ड पार्षद, बुडको प्रोजेक्ट डायरेक्टर और इंजीनियर, सहायक नगर योजनाकार, लोक स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन अधिकारी तथा विभिन्न निगम और बुडको के कर्मचारी उपस्थित थे। इस दौरान पार्षदों और अधिकारियों ने ड्रेनेज नेटवर्क की तकनीकी आवश्यकताओं और इसके लंबे समय तक रखरखाव पर ध्यान केंद्रित करते हुए योजना को बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए।