निपुण भारत मिशन के तहत छात्रों के असेसमेंट में सुस्ती दिखाने वाले 24 स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाया गया है। भागलपुर (देवरिया) के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने इन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को अंतिम नोटिस जारी किया है। इन सभी स्कूलों में असेसमेंट की प्रगति 80 प्रतिशत से भी कम पाई गई है, जिस पर विभाग ने नाराजगी जताई है। सभी संबंधित स्कूलों को 27 अगस्त तक 100 प्रतिशत असेसमेंट पूरा करने की आखिरी डेडलाइन दी गई है। 27 अगस्त तक लक्ष्य पूरा न होने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के अनुसार, कक्षा एक से आठ तक के बच्चों का असेसमेंट निपुण प्लस ऐप के जरिए किया जा रहा है। जुलाई 2026 में एनबीएमसी पोर्टल की समीक्षा करने पर 23 स्कूलों का प्रदर्शन बहुत खराब पाया गया था। बार-बार निर्देश देने के बाद भी कई स्कूलों में सुधार नहीं देखा गया।
25 अगस्त की रिपोर्ट में सामने आई कमियां25 अगस्त की निपुण भारत मॉनिटरिंग रिपोर्ट के डेटा से भारी देरी का पता चलता है। परसिया अली स्कूल में 39 बच्चों के नामांकन के बावजूद एक भी छात्र का असेसमेंट नहीं हुआ। चकरा उपाध्याय में 24 में से केवल दो बच्चों का असेसमेंट किया गया। इसके अलावा हरखपुरा में 41 में से 14, इसारू में 193 में से 83, और बेलवा में 64 में से 30 बच्चों का असेसमेंट हुआ। कई स्कूलों में प्रगति 46 से 79 प्रतिशत के बीच रही, जो 80 प्रतिशत के लक्ष्य से कम है। कुंदवार तारा और बुधानपुरा में 46 प्रतिशत, सोनबरसा-2 में 52 प्रतिशत, जबकि कहनाव, रेवली और तिलाउली में 58 प्रतिशत दर्ज की गई। पादरी गुर्राव और धुरीहाट में 79 प्रतिशत प्रगति दर्ज हुई।
प्रधानाध्यापक माने जाएंगे व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारप्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने इस कम प्रगति के लिए प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा है कि इससे स्कूल के कामकाज और प्रखंड स्तर के विकास में बाधा आती है। यदि 27 अगस्त तक 100 प्रतिशत असेसमेंट का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ, तो नियमों के अनुसार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इस बीच, प्रखंड गुणवत्ता टीम (बीक्यूसी) को निर्देश दिया गया है कि वे व्यक्तिगत रूप से स्कूलों से संपर्क करें और पेंडिंग असेसमेंट को पूरा कराने के लिए एक विशेष अभियान की देखरेख करें।