भागलपुर में दुर्गा पूजा पर सख्त नियम, डीजे पर पूरी तरह बैन

भागलपुर जिला प्रशासन ने आने वाले दुर्गा पूजा त्योहार के लिए कड़े नियम जारी किए हैं। मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने इन निर्देशों को तय करने के लिए शांति समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इसमें जोर दिया गया कि बिना वैध लाइसेंस के कोई जुलूस नहीं निकलेगा। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए रात 10:00 बजे के बाद लाउडस्पीकर का इस्तेमाल बंद करना होगा। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बुनियादी ढांचे की जरूरतों पर बात की। इसमें पूजा स्थलों और विसर्जन मार्गों की सफाई, खराब सड़कों की मरम्मत और नदी घाटों पर पर्याप्त रोशनी और बैरिकेडिंग सुनिश्चित करना शामिल है। भागलपुर नगर निगम को स्थलों पर ब्लीचिंग पाउडर और चूना छिड़कने तथा रात भर कचरा उठाने का निर्देश दिया गया है। पंडालों के लिए सुरक्षा नियमों के तहत आयोजकों को सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। साथ ही आधिकारिक पहचान पत्र या बैज वाले वालंटियर्स तैनात करने होंगे। आपात स्थिति में मदद के लिए रात के समय पंडालों में कम से कम दो से तीन वालंटियर्स का होना जरूरी है। आग से सुरक्षा के लिए समितियों को अपने स्थलों पर रेत और पानी से भरे ड्रम रखने होंगे। भीड़भाड़ रोकने के लिए आयोजकों को पुरुष और महिला भक्तों के लिए अलग-अलग आने और जाने के रास्ते बनाने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, बड़े वाहनों की आवाजाही में रुकावट न आए, इसके लिए सजावटी लाइटें कम से कम 16 फीट की ऊंचाई पर लगानी होंगी। आयोजकों को चेतावनी दी गई है कि वे ऐसे स्टॉल न लगाएं जिससे दमकल की गाड़ियां, एम्बुलेंस या प्रशासनिक वाहन रुकें। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने पुष्टि की कि संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखते हुए पुलिस बल बड़े पैमाने पर तैनात किया जाएगा। मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए जनता को ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान की जानकारी दी जाएगी, जिसमें वन-वे सिस्टम लागू करना भी शामिल हो सकता है। नागरिकों और समिति के सदस्यों से अपील की गई है कि वे किसी भी छोटी घटना को बढ़ने से रोकने के लिए तुरंत संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें। इस बैठक में उप विकास आयुक्त, नगर पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर पुलिस उपाधीक्षक, यातायात पुलिस उपाधीक्षक, विभिन्न विभागों के प्रमुख, सभी थाना प्रभारी, वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तथा जिला शांति समिति के सदस्य शामिल हुए।