दिवाली पर बिगड़ी भागलपुर की हवा, JLNMCH समेत सरकारी अस्पताल हाई अलर्ट पर
दिवाली और काली पूजा के दौरान भागलपुर की हवा हुई खराब, JLNMCH और सदर अस्पताल हाई अलर्ट पर। स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए निर्देश।

दिवाली और काली पूजा की खुशियों के बीच भागलपुर शहर की हवा अब सेहत के लिए खतरा बनती जा रही है। पटाखों के धुएं और प्रदूषण के कारण शहर की भागलपुर एयर क्वालिटी में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी सरकारी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा है।
शनिवार, 7 नवंबर 2026 को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 147 दर्ज किया गया। गौर करने वाली बात यह है कि 1 नवंबर को यहां की हवा काफी साफ थी, लेकिन त्योहारों की भीड़ और पटाखों के इस्तेमाल ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग समय और इलाकों में AQI 147 से लेकर 389 के बीच रहा है, जो 'खराब' से 'गंभीर' श्रेणी में आता है।
इमरजेंसी सेवाओं के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टी रद्द
बढ़ते मरीजों की संभावना और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए बिहार स्वास्थ्य विभाग ने कड़े कदम उठाए हैं। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (JLNMCH/मायागंज अस्पताल) और सदर अस्पताल को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 6 नवंबर से 17 नवंबर 2026 तक स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी रोस्टर अस्पताल में प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। आपात स्थिति में लोगों को 102 नंबर पर कॉल कर एम्बुलेंस बुलाने की सलाह दी गई है।
सुरक्षा के लिहाज से अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई है। ऑक्सीजन प्लांट और सिलेंडर स्टोरेज के पास किसी भी तरह की खुली आग या पटाखे चलाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। वहीं, फायर विभाग शहर के 17 संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर रखे हुए है ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को सलाह दी है कि वे बाहर निकलने से बचें और मास्क का उपयोग जरूर करें।