धनतेरस की भीड़ ने बिगाड़ी भागलपुर की हवा, AQI 240 के पार पहुँचने से लोग परेशान
धनतेरस पर भारी ट्रैफिक के कारण भागलपुर में वायु गुणवत्ता 'अस्वस्थ' स्तर पर पहुंच गई है। PM 2.5 बढ़ने से सांस की तकलीफें बढ़ी हैं।

दिवाली के त्योहार की खुशियों के बीच भागलपुर शहर के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। धनतेरस के मौके पर बाजारों में उमड़ी भारी भीड़ और वाहनों के जबरदस्त दबाव के कारण शहर की भागलपुर एयर क्वालिटी बेहद खराब हो गई है। ट्रैफिक जाम और गाड़ियों से निकलने वाले धुएं ने हवा को जहरीला बना दिया है, जिससे आम लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, 6 नवंबर को शहर के कई हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 240 के पार चला गया, जिसे 'अस्वस्थ' श्रेणी में रखा गया है। सबसे ज्यादा असर स्टेशन चौक, घंटाघर, खलीफाबाग, तिलकामांझी, मायागंज और कचहरी चौक जैसे व्यस्त इलाकों में देखा गया। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारों और उड़ती धूल ने PM 2.5 के स्तर को काफी बढ़ा दिया है।
सांस की बीमारियों का बढ़ा खतरा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
हवा में बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। एलर्जी से जूझ रहे लोगों में सर्दी, खांसी और आंखों में जलन जैसे लक्षण तेजी से देखे जा रहे हैं। जेएलएनएमसीएच (JLNMCH) के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजकमल चौधरी ने इस स्थिति पर चिंता जताई है।
डॉ. चौधरी ने बताया कि सर्दियों के मौसम में ठंडी हवा जमीन की सतह के करीब जम जाती है, जिससे धूल के बारीक कण हवा में ही फंसे रह जाते हैं। रात में तापमान गिरने और नमी बढ़ने से ये कण स्मॉग (धुंध) का रूप ले लेते हैं, जो सांस के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक साबित होता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस मौसम में, खासकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाते समय छोटे बच्चों और सांस की बीमारी वाले मरीजों को मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करना चाहिए ताकि वे जहरीली हवा से बच सकें।