भागलपुर एयरपोर्ट से विमान सेवा शुरू करने की मांग, दिया 10 दिन का अल्टीमेटम

हवाई सेवा संघर्ष समिति ने बिहार सरकार और स्थानीय प्रशासन को भागलपुर एयरपोर्ट से विमान सेवा शुरू करने की मांग को लेकर 10 दिन का औपचारिक अल्टीमेटम दिया है। स्थानीय नागरिकों, वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाली इस समिति ने चेतावनी दी है कि यदि इस समय सीमा के भीतर कोई ठोस या सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे समाहरणालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
भागलपुर कोर्ट परिसर में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता समिति के संयोजक सुबोध मंडल ने की। उन्होंने तर्क दिया कि स्मार्ट सिटी के रूप में भागलपुर की पहचान तब तक अधूरी और अर्थहीन है जब तक यहां हवाई कनेक्टिविटी शुरू नहीं होती। मंडल ने इस बात पर जोर दिया कि एक प्रमुख व्यापार और शैक्षिक केंद्र के रूप में, जिले को देश के अन्य प्रमुख शहरों से सीधी हवाई कनेक्टिविटी की आवश्यकता है।
समिति ने छोटे वाणिज्यिक विमान सेवाओं को तुरंत शुरू करने का अनुरोध करते हुए राज्य सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को एक औपचारिक प्रस्ताव सौंपने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया। बैठक में वक्ताओं ने उल्लेख किया कि रनवे की वर्तमान स्थिति छोटे विमानों के संचालन की अनुमति देती है, जिससे सिल्क व्यापारियों, रोगियों और छात्रों को लाभ होगा और पूर्वी बिहार में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
समिति ने जन आंदोलन के लिए एक रोडमैप तैयार किया है, और वादा किया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे पेशेवरों से आगे बढ़कर आम जनता, व्यापार समुदाय और छात्र संगठनों को भी इस आंदोलन में शामिल करेंगे। बैठक में मुख्य रूप से अधिवक्ता संजीव कुमार मंडल, मुकेश ठाकुर और रामप्रवेश सिंह के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता सतपाल यादव, पवन फौजी और ओंकार नाथ दिवाकर उपस्थित थे। सभी प्रतिभागियों ने भागलपुर में कमर्शियल उड़ानें शुरू होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।