भागलपुर हवाई अड्डा का नया ज़मीन 125 करोड़ रुपये से होगा ख़रीद. नये AIRPORT के लिए शहर से 15 मिनट का करना होगा सफ़र.

दोस्तों, भागलपुर में नए हवाई अड्डा के निर्माण की दिशा में बड़ी पहल हो रही है। प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और इसके लिए संभावित खर्च का आकलन भी कर लिया गया है। चलिए जानते हैं कि इस नए प्रोजेक्ट में क्या-क्या हो रहा है।
जमीन का चयन और खर्च का आकलन
गोराडीह के सीओ ने नए हवाई अड्डा निर्माण के लिए संभावित दो स्थलों का चयन किया है और उनके लिए संभावित खर्च का आकलन भी किया है।
- प्रस्ताव संख्या 1:
- 408 एकड़ रैयती भूमि के लिए खर्च: ₹127.40 करोड़
- उपलब्ध जमीन: 4000 मीटर लंबाई और 300 मीटर चौड़ाई
- रनवे की क्षमता: 3500 मीटर लंबाई और 300 मीटर चौड़ाई
- प्रस्ताव संख्या 2:
- 370 एकड़ रैयती भूमि के लिए खर्च: ₹118.44 करोड़
- उपलब्ध जमीन: 3500 मीटर लंबाई और 300 मीटर चौड़ाई
- रनवे की क्षमता: 3000 मीटर लंबाई और 300 मीटर चौड़ाई
ये प्रस्ताव अब समाहर्ता को भेजे जाएंगे, जो इन्हें मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग को मंजूरी के लिए प्रस्तुत करेंगे। ये दोनों ज़मीन कनेक्टिविटी के साथ पंद्रह मिनट की दूरी पर उपलब्ध होंगे।
तकनीकी जांच की आवश्यकता
जिला अधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग से अनुरोध किया है कि गोराडीह में प्रस्तावित नए हवाई अड्डा निर्माण के लिए तकनीकी जांच कराई जाए। इसके लिए उन्होंने सिविल विमानन निदेशालय के निदेशक को भी पत्र भेजा है।
- जांच के प्रमुख बिंदु:
- टर्मिनल, रनवे, बाउंड्री और वेटिंग लाउंज का निर्माण
- फिजिबिलिटी स्टडी की आवश्यकता
- एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से तकनीकी जांच
यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि निर्माण के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या न हो और सभी आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा जाए।
हवाई सेवा की मांग
भागलपुर में हवाई सेवा की मांग लंबे समय से की जा रही है। कई धरना-प्रदर्शनों के बाद प्रशासन इस दिशा में सक्रिय हुआ है। नए हवाई अड्डा के निर्माण से भागलपुर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की हवाई सेवा का लाभ मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।