भागलपुर के बाईपास थाना क्षेत्र में मवेशी लदी गाड़ी को संदिग्ध परिस्थितियों में फरार होने देने के मामले में वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रथमदृष्टया लापरवाही और संदिग्ध आचरण मिलने पर सहायक अवर निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। - बाईपास थाना क्षेत्र में 20 अगस्त की देर शाम मवेशी लदी गाड़ी को रोका गया था - कार्रवाई की जिम्मेदारी एएसआई नीरज कुमार को सौंपी गई थी - चौकीदार की सूचना पर गाड़ी फरार होने की बात सामने आई - पुलिस टीम ने सहरसा से गाड़ी को बरामद किया
भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने त्वरित और सख्त रुख अपनाते हुए इस घटना में प्रथमदृष्टया लापरवाही और संदिग्ध आचरण पाए जाने पर संबंधित सहायक अवर निरीक्षक को
तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 20 अगस्त की देर शाम बाईपास थाना क्षेत्र में मवेशी लदी एक गाड़ी को रोका गया था। गाड़ी की निगरानी और नियमानुसार कार्रवाई की जिम्मेदारी थाना के
सहायक अवर निरीक्षक नीरज कुमार को प्रभारी पदाधिकारी के रूप में सौंपी गई थी। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात चौकीदार ने सूचना दी कि अधिकारी की लापरवाही अथवा संदिग्ध आचरण के कारण वह मवेशी लदी गाड़ी मौका पाकर फरार हो गई।
मामला गंभीर होने के कारण एसएसपी भागलपुर ने एएसआई नीरज कुमार को तुरंत निलंबित कर जीवनयापन भत्ता पर भेजने का आदेश जारी कर दिया और
विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी के निर्देश पर बाईपास थाना अध्यक्ष विकास कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फरार वाहन का पीछा करना शुरू किया। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने
देर रात लगभग 12 बजे उक्त मवेशी लदी गाड़ी को सहरसा जिला क्षेत्र से सफलतापूर्वक बरामद कर लिया। गाड़ी को जब्त कर बाईपास थाना लाया गया है। बरामद गाड़ी में भारी संख्या में मवेशी लदे पाए गए हैं। पुलिस फिलहाल मवेशियों के कागजात और वाहन से जुड़े सभी कानूनी तथ्यों का
गहन सत्यापन कर रही है। जांच के बाद सामने आए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। एसएसपी भागलपुर ने कड़ा संदेश देते हुए साफ किया है कि पुलिस सेवा में किसी भी तरह की कर्तव्यहीनता, लापरवाही या संदिग्ध आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई होगी।