भागलपुर के भोलानाथ और गोराडीह रेल ओवरब्रिज निर्माण में फंसा पेंच, अब 2027 तक करना होगा इंतजार

भागलपुर के दक्षिणी क्षेत्र के लोगों के लिए राहत की खबर अभी दूर नजर आ रही है। शहर में बन रहे दो महत्वपूर्ण रेल ओवरब्रिज, भोलानाथ फ्लाईओवर और भागलपुर-गोराडीह ROB का निर्माण जमीन अधिग्रहण की समस्याओं के कारण प्रभावित हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, शीतलस्थान चौक और भीखनपुर त्रिमूर्ति चौक जैसे इलाकों में पिलर खड़ा करने के लिए निजी जमीन की जरूरत है, जिसकी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। इस देरी की वजह से अब इन पुलों के तैयार होने की समय सीमा बढ़ाकर दिसंबर 2027 कर दी गई है।
भोलानाथ फ्लाईओवर के निर्माण की मौजूदा स्थिति क्या है?
भोलानाथ फ्लाईओवर का निर्माण पिछले 32 महीनों से चल रहा है, लेकिन अब तक केवल 60 से 70 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। इस फ्लाईओवर की लंबाई 1,240 मीटर से बढ़ाकर 1,392 मीटर कर दी गई है, जिससे इसकी लागत भी अब बढ़कर 100 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई है। रेलवे से NOC मिलने में हुई देरी ने भी इस प्रोजेक्ट की रफ्तार कम कर दी है।
- कुल पिलर: इस पूरे प्रोजेक्ट में कुल 41 पिलर बनाए जाने हैं।
- रेलवे ट्रैक का काम: बाउंसी और भोलानाथ रेल ट्रैक के बीच 8 पिलर रेलवे की निगरानी में तैयार होंगे।
- मुख्य बाधा: शीतलस्थान (Pillar A-1) और भीखनपुर (Pillar A-2) के पास एप्रोच रोड के लिए जमीन मिलना अभी बाकी है।
- मुआवजा प्रक्रिया: प्रशासन ने मई 2026 तक जमीन मालिकों को मुआवजा देकर समस्या सुलझाने का भरोसा दिया है।
भागलपुर-गोराडीह ROB को लेकर क्यों हो रहा है विरोध?
मिरजानहाट की तरफ बन रहे गोराडीह रोड रेल ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि ब्रिज बनने से उनके मकान टूट जाएंगे, इसलिए वे ROB की जगह अंडरपास (RUB) बनाने की मांग कर रहे हैं। इस विरोध के कारण मिरजानहाट की तरफ के 10 पिलर का काम शुरू नहीं हो सका है, जबकि गोराडीह की तरफ 11 पिलर पर काम जारी है।
| विवरण | भोलानाथ फ्लाईओवर | गोराडीह ROB |
|---|---|---|
| अनुमानित लागत | ₹87-100 करोड़ | ₹67 करोड़ |
| कुल लंबाई | 1392 मीटर | 713.8 मीटर |
| नई डेडलाइन | दिसंबर 2027 | दिसंबर 2027 |
ब्रिज निर्माण निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस 13 मीटर चौड़े ब्रिज में दोनों तरफ एक-एक मीटर का फुटपाथ भी होगा। जमीन अधिग्रहण के मुद्दों को सुलझाने के लिए एक 5 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है जो पेड़ों, मकानों और जमीन के मूल्यांकन का काम कर रही है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से भागलपुर के लोगों को स्टेशन और फोरलेन तक जाने में बड़ी सुविधा मिलेगी।