भागलपुर: भोलानाथ फ्लाईओवर निर्माण में भारी देरी, अब जून 2027 तक का लक्ष्य

भागलपुर के भोलानाथ फ्लाईओवर का काम बुरी तरह पिछड़ गया है। अब यह प्रोजेक्ट जून 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं।

Puja Singh7 November 20262 min read0 viewsCity Local
भागलपुर: भोलानाथ फ्लाईओवर निर्माण में भारी देरी, अब जून 2027 तक का लक्ष्य

भागलपुर के करीब 40 हजार निवासियों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बनाया जा रहा भोलानाथ फ्लाईओवर निर्माण में देरी ने अब आम जनता की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। जो प्रोजेक्ट जून 2025 तक पूरा होना था, उसकी समय सीमा अब तीसरी बार बढ़ाकर जून 2027 कर दी गई है। यानी शहरवासियों को इस राहत के लिए अब दो साल और इंतजार करना होगा।

बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की देखरेख में श्रीराम एंटरप्राइजेज द्वारा बनाए जा रहे इस फ्लाईओवर की शुरुआत 12 जून 2023 को हुई थी। करीब 86.17 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह 1300 से 1392 मीटर लंबा फ्लाईओवर मिरजनहंत, शीतला स्थान, भोलानाथ पुल, ईशाकचक और भिकनपुर जैसे इलाकों में ट्रैफिक की समस्या को खत्म करने के लिए डिजाइन किया गया था। लेकिन बार-बार समय सीमा बढ़ने से अब यह प्रोजेक्ट कछुआ गति से चल रहा है।

निर्माण की सुस्त रफ्तार और जनता की बढ़ती परेशानी

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फ्लाईओवर बनने की उम्मीद में लोग जिस रास्ते पर सफर कर रहे हैं, वह अब उनके लिए मुसीबत बन गया है। सड़कों के संकरे होने, बारिश में जलजमाव और जगह-जगह फैले मलबे की वजह से राहगीरों, छात्रों और इमरजेंसी सेवाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी विपिन यादव का कहना है कि सड़कों की जर्जर हालत की वजह से अक्सर दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें स्कूल जाने वाले बच्चे भी चोटिल हो रहे हैं।

प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो कुल 41 खंभों में से 37 खड़े किए जा चुके हैं और 33 को आपस में जोड़ दिया गया है। निर्माण में देरी के पीछे कई तकनीकी कारण बताए जा रहे हैं:

  • मिरजनहंत और भिकनपुर में जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) को लेकर समस्या।
  • रेलवे लाइनों के ऊपर गर्डर लॉन्चिंग के लिए मालदा रेलवे डिवीजन से सुरक्षा मंजूरी मिलने में देरी।

हालांकि, जमीन अधिग्रहण की समस्या को सुलझाने के लिए 15 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। अधिकारियों का दावा है कि छठ पूजा के बाद महत्वपूर्ण क्षेत्रों में खंभों का निर्माण फिर से शुरू हो जाएगा। अब चुनौती यह है कि क्या विभाग बचे हुए अवरोधों को हटाकर जून 2027 की नई डेडलाइन को समय पर पूरा कर पाएगा या जनता को और लंबा इंतजार करना होगा।

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