भागलपुर के बियाडा फेरी घाट पर दो भैंसों के साथ नाव से गंगा पार करने की कोशिश कर रहे एक मवेशी चरवाहे को बीच नदी में SDRF की टीम ने रोक लिया। यह घटना 2 अक्टूबर 2026 को अधिकारियों और SDRF के जवानों की मौजूदगी में हुई। विक्रमशिला सेतु पुल बंद होने के बावजूद चरवाहे ने सुरक्षा नियमों को तोड़ दिया था। SDRF की टीम नाव को वापस किनारे पर ले आई और उस व्यक्ति को कड़ी चेतावनी दी गई।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा दोबारा हुआ, तो जानवरों को जब्त कर लिया जाएगा और चरवाहे तथा नाविक दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। संरचनात्मक क्षति के कारण विक्रमशिला सेतु की तीन महीने की मरम्मत 1 अक्टूबर 2026 से शुरू हुई है, जिससे बियाडा और जाह्नवी चौक घाटों पर नाव और कार्गो सेवाओं का उपयोग किया जा रहा है।
बढ़े हुए ट्रैफिक और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए प्रशासन ने 2 अक्टूबर 2026 से कड़े नियम लागू किए हैं। तेज बहाव और अंधेरे के जोखिम को कम करने के लिए बियाडा, बाबूपुर और जाह्नवी चौक घाटों पर शाम 5:30 बजे के बाद सभी नाव और रो-रो संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
घटना के बाद इन सभी घाटों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थानीय अधिकारियों को नए नियमों का सौ प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। टिकट काउंटर पर भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन किसी भी बल प्रयोग की सूचना नहीं है। पुल की मरम्मत के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एसडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात हैं।