भागलपुर में बीजेपी मंडल अध्यक्ष उमंग भूषण तांती उर्फ पप्पू तांती की हत्या के मामले में हैरान करने वाला सच सामने आया है। मुख्य आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में साजिश रचने और तीन लाख रुपये की सुपारी देने की बात कबूल कर ली है।
- हत्याकांड के मुख्य आरोपियों ने पुलिस रिमांड के दौरान जुर्म कबूला
- राजनीतिक रंजिश, आपसी दुश्मनी और जमीन विवाद के चलते छह महीने पहले रची गई थी साजिश
- मुंगेर के शूटर अक्षय यादव को पैसे देकर कराई गई थी हत्या
पूर्व पार्षद शशि मोदी, कथित शूटर कृष्णा मोदी उर्फ किशन मोदी और लाइनर सुमन कुमार ने पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में यह खुलासा किया। सिटी एसपी अतुलेश झा के नेतृत्व में हुई जांच में सामने आया कि यह पूरी साजिश राजनीतिक रंजिश, आपसी दुश्मनी और जमीन विवाद के कारण हत्या की घटना से लगभग छह महीने पहले रची गई थी। इस काम के लिए मुंगेर के एक शूटर अक्षय यादव को हायर किया गया था। तांती की 11 सितंबर 2026 को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में पुलिस ने लगातार गिरफ्तारियां और सरेंडर करवाए। वार्ड 51 की पार्षद और शशि मोदी की पत्नी दीपिका Kumari को 14 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद शशि मोदी ने 15 सितंबर 2026 को कोर्ट में सरेंडर किया और उनके भतीजे कृष्णा मोदी ने 18 सितंबर 2026 को आत्मसमर्पण किया। शूटर अक्षय यादव और साथी सुमन कुमार को भी 18 सितंबर 2026 को पकड़ लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपियों को रिमांड पर लिया। 19 सितंबर 2026 को शशि मोदी से 10 घंटे पूछताछ की गई, जबकि कृष्णा मोदी और सुमन कुमार को 23 सितंबर 2026 को छह घंटे की रिमांड पर लिया गया। 24 सितंबर 2026 को हुई सबसे हालिया पूछताछ के दौरान तीनों ने इस साजिश को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हत्याकांड के सिलसिले में कुल आठ लोगों को जेल भेजा जा चुका है, हालांकि वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी अभी भी चल रही जांच का मुख्य हिस्सा बनी हुई है।