भागलपुर के राघोपुर तटबंध के पास हुए नौका हादसे में लापता बादल मंडल की तलाश जारी है। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उनकी बहनें लुशी और शोभा हाथों में राखी लिए अपने भाई की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रही हैं।
- भागलपुर के राघोपुर तटबंध के पास हुआ था नौका हादसा
- हादसे में बादल मंडल नदी में डूबे, तलाश जारी
- दोनों बहनों के हाथों में है राखी, कलाई है सूनी
- जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
भागलपुर में रक्षाबंधन का त्योहार दो बहनों—लुशी और शोभा के लिए गहरे दर्द और इंतजार में बदल गया है। दोनों बहनों के हाथों में राखी है लेकिन कलाई सूनी है। उनके दिल में उम्मीद है कि उनका लापता भाई बादल मंडल सुरक्षित वापस लौट आए ताकि वे उसकी कलाई पर रक्षासूत्र बांध सकें। दो दिन पहले भागलपुर के राघोपुर तटबंध के पास एक दर्दनाक नौका हादसा हुआ था जिसमें बादल मंडल नदी में डूब गए थे। घटना के बाद से लगातार खोजबीन जारी है, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। भाई के लापता होने के बाद से घर में कोहराम मचा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रोती-बिलखती बहनों लुशी और शोभा ने कहा कि आज रक्षाबंधन का पावन पर्व है और अगर हादसे में लापता भाई बादल का पता चल जाता है तो वे सबसे पहले उसकी कलाई पर राखी बांधेंगी। बहनों के लिए त्योहार के कोई मायने नहीं हैं और उनकी एकमात्र प्राथमिकता भाई की सुरक्षित वापसी है।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने खुद पीड़ित परिवार और दोनों बहनों से मुलाकात की। बहनों को बदहवास और रोते-बिलखते देख जिलाधिकारी भी अपने आंसू नहीं रोक सकीं और भावुक हो गईं। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन पूरी गंभीरता और मुस्तैदी के साथ बादल मंडल की तलाश में जुटा हुआ है। रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है ताकि जल्द से जल्द लापता युवक का पता लगाया जा सके।