भागलपुर में महानवमी पर उमड़ी भारी भीड़, जानिए कैसे हुई पूजा

सोमवार को शारदीय नवरात्र की महानवमी पर भागलपुर में श्रद्धालुओं ने विभिन्न दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों में पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ मां सिद्धिदात्री की पूजा की। इस दिन कन्या पूजन किया गया और सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं ने धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया। शहर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा और हर तरफ मंत्रों और भजनों की गूंज सुनाई दी।
- विभिन्न स्थानों पर बंगाली और वैदिक पद्धतियों से हुए धार्मिक अनुष्ठान
- खिचड़ी, पुलाव और फलों का लगाया गया माता को भोग
- जुवक संघ, मारवाड़ी पाठशाला, मुड़ीचक और कचहरी चौक समेत कई जगहों पर उमड़ी भारी भीड़
- महाआरती में महासमिति के पदाधिकारियों ने की शांति और समृद्धि की प्रार्थना
परंपरागत तरीके से हुए अनुष्ठान
विभिन्न स्थलों पर बंगाली और वैदिक पद्धतियों जैसी विविध परंपराओं के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान किए गए। देवी को अर्पित किए जाने वाले प्रसाद में खिचड़ी, पुलाव और फल शामिल थे। भक्तों ने अपने परिवारों की समृद्धि और समाज के कल्याण के लिए प्रार्थना की।
प्रमुख पूजा पंडालों में जुटी भीड़
जुवक संघ, मारवारी पाठशाला परिसर, मुड़ीचक गढ़ैया, कचहरी चौक का सत्कार क्लब, आदमपुर चौक, मदरीजा, जोगसर, लाजपत पार्क, दीपनगर, हाउसिंग बोर्ड, हरियापट्टी, उर्दू बाजार, दुर्गाबाड़ी, कालीबाड़ी, कंपनीबाग, गुरहट्टा चौक, हुसैनबाद, अलीगंज, मोहिद्दीनगर, मिरजानहट, मणिकपुर, साहेबगंज, महाशय ड्योढ़ी, नाथनगर, मायागंज और बरारी रिफ्यूजी कॉलोनी सहित कई प्रमुख पूजा स्थलों पर भारी भीड़ एकत्र हुई। सभी आयु वर्ग के आगंतुकों ने इन स्थलों पर मेले और भव्य सजावट का आनंद लिया।
महाआरती और आगे की तैयारी
महाआरती के दौरान महासमिति के अधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें अध्यक्ष अभय घोष सोनू, संरक्षक कमल जायसवाल, महासचिव जयनंदन आचार्य, कार्यकारी अध्यक्ष विनय सिन्हा, चैंबर अध्यक्ष श्रवण बाजोरिया और उपाध्यक्ष सुनंदा रक्षित, संगीता तिवारी, पिंकी बाजोरिया और रेणु सिंह शामिल रहे। सभी ने शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
महानवमी के बाद अब दशमी अनुष्ठान की तैयारियां चल रही हैं। कलश का विसर्जन मंगलवार और बुधवार को निर्धारित है, जिसके बाद भक्त अपने परिवारों और समाज के लिए आशीर्वाद मांगने के लिए जयंती धारण करेंगे।