भागलपुर शहर के विभिन्न मंदिरों और ठाकुरबारियों में सोमवार, 24 अगस्त को सावन शुक्ल पक्ष एकादशी के अवसर पर पारंपरिक झूलोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस दौरान भगवान का श्रृंगार, रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया।
गोलाघाट स्थित रघु बाबू ठाकुरबारी में 10 दिवसीय अनुष्ठान शुरू हुआ जो सावन पूर्णिमा को समाप्त होगा। ठाकुरबारी के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त न्यायाधीश विजय मंडल ने बताया कि यह आयोजन सादगी और पारंपरिक नियमों के पालन के साथ किया जा रहा है। जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के बाद विशेष झूलोत्सव की तैयारियां भी चल रही हैं।
चुनियारी टोला स्थित श्री रानी सती मंदिर में श्री दादी जी सेवा समिति द्वारा पांच दिवसीय झूलन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मीडिया प्रभारी चंद झुनझुनवाला ने बताया कि उत्सव में रुद्राभिषेक और भव्य देवी-देवता का श्रृंगार शामिल है। एकादशी से पूर्णिमा तक फूल, फल और रुई से बने सजावट के साथ दैनिक प्रदर्शन किए जाएंगे।
नया बाजार के साखीचंद घाट स्थित जगन्नाथ मंदिर में 24 अगस्त से 28 अगस्त तक चलने वाले पांच दिवसीय उत्सव के साथ 151 साल पुरानी परंपरा निभाई जा रही है। मुख्य पंडित समीर कुमार मिश्रा और पुजारी सौरभ कुमार मिश्रा ने बताया कि भगवान जगन्नाथ और राधा-कृष्ण को हर शाम एक विशेष झूले पर बैठाया जाएगा। इस आयोजन में गायक कैलाश नाथ बाजपेयी और आनंद मिश्रा के संगीत कार्यक्रम होंगे।
सामाजिक कार्यकर्ता जगतराम साह कर्णपुरी ने बताया कि नाथनगर के मारवाड़ी पट्टी, गोलदार पट्टी, नाथनगर थाना चौक, बड़ी ठाकुरबारी और बिशरी स्थान चौक सहित अन्य क्षेत्रों में उत्सव का माहौल है। सोमवार को भगवान के दर्शन के लिए इन ठाकुरबारियों के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए। कोतवाली क्षेत्र स्थित बूढ़ानाथ मंदिर तथा कुपेश्वर नाथ और दुग्धेश्वर नाथ मंदिरों में भी महत्वपूर्ण तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।