भागलपुर: सर्टिफिकेट केस निपटान और राजस्व वसूली में एसडीसीएलआर अपेक्षा मोदी पहले स्थान पर
भागलपुर जिला प्रशासन ने अक्टूबर महीने की परफॉर्मेंस रैंकिंग जारी की है, जिसमें सर्टिफिकेट केस निपटान और राजस्व वसूली का ब्योरा दिया गया है।

भागलपुर जिला प्रशासन ने अक्टूबर महीने के लिए सर्टिफिकेट केसों के त्वरित निपटान और बकाया राशि की वसूली की परफॉर्मेंस रैंकिंग जारी कर दी है। इस रिपोर्ट में यह देखा गया कि किस अधिकारी ने सरकारी बकाया वसूली और मामलों को सुलझाने में कितनी तत्परता दिखाई। इस सूची में सदर भूमि सुधार उप समाहर्ता (SDCLR) सह प्रमाण पत्र अधिकारी अपेक्षा मोदी ने बाजी मारी है और पहला स्थान हासिल किया है।
अक्टूबर महीने के आंकड़ों पर गौर करें तो अपेक्षा मोदी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 125 सर्टिफिकेट केस निपटाए और 154.20 लाख रुपये की वसूली की। वहीं, दूसरे स्थान पर अपर जिला मजिस्ट्रेट (विधि एवं व्यवस्था) रहे, जिन्होंने 4 मामलों का निपटारा कर 33.23 लाख रुपये वसूल किए। तीसरे स्थान पर एसडीसी सह प्रमाण पत्र अधिकारी रहे, जिन्होंने 21 केस सुलझाकर 31.75 लाख रुपये की रिकवरी की।
जिला प्रशासन की बड़ी मुहिम और लंबित मामले
अगर पूरे जिले की बात करें तो अक्टूबर महीने में कुल 268 सर्टिफिकेट केस निपटाए गए, जिसके जरिए प्रशासन ने कुल 451.35 लाख रुपये (करीब 4.51 करोड़ रुपये) की वसूली की है। हालांकि, चुनौती अभी भी बड़ी है क्योंकि महीने के अंत तक जिले में 17,192 सर्टिफिकेट केस लंबित पाए गए हैं।
लंबित मामलों की संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी प्रमाण पत्र अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इन केसों के निपटारे में तेजी लाएं और बकाया राशि की वसूली को प्राथमिकता दें। अधिकारियों को नियमित रूप से मामलों की समीक्षा करने और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा गया है। जिलाधिकारी खुद इस पूरी प्रक्रिया और राजस्व संग्रह की प्रगति की निगरानी कर रहे हैं ताकि सरकारी बकाया की जल्द से जल्द रिकवरी हो सके।