भागलपुर की 22 वर्षीय चैतली ने रचा इतिहास, पहले प्रयास में UPSC क्लियर कर बनीं डिप्टी कमिश्नर

भागलपुर की 22 वर्षीय चैतली ने पहले ही प्रयास में UPSC क्लियर कर AIR 565 हासिल किया और अब इंदौर में डिप्टी कमिश्नर बनी हैं।

Talat Praveen6 November 20262 min read0 viewsCity Local
भागलपुर की 22 वर्षीय चैतली ने रचा इतिहास, पहले प्रयास में UPSC क्लियर कर बनीं डिप्टी कमिश्नर

बिहार के भागलपुर जिले की एक बेटी ने अपनी मेहनत और जुनून से पूरे जिले का नाम रोशन किया है। महज 22 साल की उम्र में चैतली ने यूपीएससी (UPSC) की कठिन परीक्षा को पहले ही प्रयास में पास कर यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो संसाधनों की कमी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनती। ऑल इंडिया रैंक (AIR) 565 हासिल करने वाली चैतली अब इंदौर में डिप्टी कमिश्नर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।

चैतली का यह सफर बेहद प्रेरणादायक है। वह भागलपुर जिले के संहौला ब्लॉक स्थित बनियाडीह गांव की रहने वाली हैं। उनके लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह अमडीहा ग्राम पंचायत से सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाली पहली शख्सियत बन गई हैं। एक साधारण परिवार से आने वाली चैतली ने अपनी सफलता से न केवल अपने माता-पिता का सपना पूरा किया, बल्कि अपने गांव और क्षेत्र के युवाओं के लिए एक मिसाल कायम की है।

सीमित संसाधनों के बीच संघर्ष और सफलता

चैतली की इस कामयाबी के पीछे उनके परिवार का बड़ा त्याग और समर्थन रहा है। उनके पिता शत्रुघ्न प्रसाद सिन्हा एक प्राइवेट ट्यूटर के रूप में काम करते थे, जबकि मां पूनम कुमारी का पूरा ध्यान अपनी दो बेटियों, चैतली और ईशा की पढ़ाई-लिखाई पर था। आर्थिक तंगी के बावजूद माता-पिता ने कभी अपनी बेटियों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। घर की सीमित आर्थिक स्थिति और चुनौतियों के बीच चैतली ने अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता दी और दिन-रात मेहनत कर इस प्रतिष्ठित पद को हासिल किया।

आज जब वह डिप्टी कमिश्नर के रूप में अपनी नई पारी शुरू कर रही हैं, तो उनके परिवार में खुशी का माहौल है। उनकी यह जीत उन तमाम छात्रों के लिए एक संदेश है जो छोटे गांवों और सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखते हैं।

MyBhagalpur की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment