भागलपुर: छठ घाटों पर गंदगी और असुरक्षा से परेशान लोग, प्रशासन से लगाई गुहार
भागलपुर के कोयला, अदमपुर और माणिक सरकार घाट पर गंदगी और असुरक्षा का माहौल। प्रशासन से जल्द सफाई की मांग।

छठ पूजा का महापर्व नजदीक है, लेकिन भागलपुर के प्रमुख गंगा घाटों की मौजूदा स्थिति देखकर श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ गई है। शहर के कोयला घाट, अदमपुर घाट और माणिक सरकार घाट पर फैली गंदगी और सुरक्षा इंतजामों की कमी ने लोगों को परेशान कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन घाटों की सफाई और मरम्मत नहीं हुई, तो त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
सबसे बुरा हाल कोयला घाट का है, जहाँ चारों तरफ कचरा और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। यहाँ से गुजरने वाले लोगों को सड़ांध और बदबू का सामना करना पड़ रहा है। लोगों में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि त्यौहार इतना करीब होने के बावजूद अब तक सफाई का कोई ठोस काम नहीं किया गया है।
घाटों की बदहाली और सुरक्षा का खतरा
अदमपुर घाट पर गंगा का जलस्तर घटने से वहां की जमीन दलदली हो गई है, जिससे चलना-फिरना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, घाट के आसपास तेजी से हुए निर्माण कार्यों ने जगह को काफी सीमित कर दिया है। स्थानीय लोगों को डर है कि कम जगह और गंदगी के कारण भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाएगा।
वहीं, माणिक सरकार घाट की स्थिति भी चिंताजनक है। यहाँ घाट के एक हिस्से की संरचना पहले ही ढह चुकी है, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है। हद तो तब हो गई जब घाट के एक प्रवेश द्वार को स्थानीय लोगों ने कचरा फेंकने का केंद्र बना लिया है। हालांकि कुछ हिस्सों में जियो-बैग्स लगाए गए हैं, लेकिन पहुँच मार्ग और गंदगी ने श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है।
परेशान नागरिकों और सामुदायिक नेताओं ने जिला प्रशासन और नगर निगम से तुरंत सफाई अभियान चलाने की मांग की है। उन्होंने कचरा हटाने, जमीन को समतल करने और सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग लगाने की अपील की है। इस मामले पर नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि समय रहते सभी घाटों को व्यवस्थित कर लिया जाएगा और उन्हें पूजा के लिए तैयार किया जाएगा।