भागलपुर में गांधी जयंती के मौके पर महिला एवं बाल विकास निगम और जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन के द्वारा विशेष ग्राम सभाएं रखी गईं। इन सभाओं में लोगों को बाल विवाह के बुरे असर और कानून की जानकारी दी गई।
- जगदीशपुर प्रखंड की पंचायतों में दिखा भारी उत्साह
- जमनी, पुरैनी और बैजनी में पास हुआ प्रस्ताव
- सभी ने ली बाल विवाह न करने की शपथ
भागलपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड की पंचायतों में इस अभियान को लेकर भारी उत्साह देखा गया।
प्रखंड के जमनी, पुरैनी टोला सोनुचक, जगदीशपुर, भवानीपुर देसरी, पुरैनी उत्तरी, पुरैनी दक्षिणी एवं बैजनी में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में सर्वसम्मति से ‘बाल विवाह मुक्त ग्राम’ बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि यह प्रस्ताव केवल एक औपचारिक संकल्प नहीं है, बल्कि ग्राम समुदाय द्वारा बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी स्वीकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे स्थानीय स्तर पर कार्यरत संस्थाओं और ग्रामीणों के बीच समन्वय बढ़ेगा और बाल विवाह की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई के लिए सामुदायिक तंत्र मजबूत होगा।
ग्राम सभाओं में उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह न करने, न कराने तथा इसकी जानकारी मिलने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला एवं बाल विकास निगम, भागलपुर के जिला परियोजना प्रबंधक मणिशंकर, मिशन शक्ति के जिला मिशन समन्वयक तबरेज़ खान, जेंडर स्पेशलिस्ट विवेक कुमार और वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ अभिषेक सुमन ने मुख्य भूमिका निभाई। इसके साथ ही सहयोगी संस्था ‘मुक्ति निकेतन’ के जिला समन्वयक कृष्ण कुमार मंडल, प्रखंड समन्वयक नवल किशोर मंडल व श्री शशि मेहता सहित दीपक सिंह, सोमेश कुमार, हेमा कुमारी, स्वीटी प्रिया ने भी सक्रिय रूप से सहभागिता दर्ज कराई। इस पहल से गांवों में बाल विवाह के प्रति शून्य-सहनशीलता की प्रतिबद्धता को बल मिला है।