भागलपुर में बड़ा एक्शन: कचहरी चौक के पास सिविल सर्जन परिसर में अवैध दुकानें और क्लिनिक ध्वस्त

भागलपुर में कचहरी चौक के पास सिविल सर्जन परिसर में 26 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद रविवार 6 सितंबर 2026 को अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला दिया गया। अधिकारियों ने अदालत के आदेश पर कार्रवाई करते हुए वहां चल रही 25 अवैध दुकानों और क्लिनिकों को ढाह दिया।
इस पूरी कार्रवाई से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- यह डिमोलिशन अभियान रविवार 6 सितंबर 2026 को चलाया गया।
- कार्रवाई के दौरान 3 जेसीबी मशीन और 3 से 4 ट्रैक्टरों का इस्तेमाल मलबा हटाने के लिए किया गया।
- वादी वैद्यनाथ गुप्ता के पक्ष में लगभग 9 कट्ठा यानी 27 डिसमिल जमीन वापस मिल गई है।
- यह मामला 26 साल पुराना था जिसकी शुरुआत 1978 से 1985 के बीच सर्वे के दौरान जमीन को गलती से बिहार सरकार की संपत्ति दर्ज करने से हुई थी।
अदालत का फैसला और पुरानी कोशिशें
साल 2011 में अदालत ने पूर्व सरकारी अमीन वैद्यनाथ गुप्ता के पक्ष में फैसला सुनाया था और इसके बाद सरकार की सभी अपीलें खारिज कर दी गईं। 7 अगस्त 2026 को नया अदालत का आदेश आने के बाद अधिकारियों ने डिमोलिशन से पहले सभी दुकानदारों को औपचारिक नोटिस जारी किए थे। इससे पहले 11 जनवरी 2026 को भी जमीन खाली कराने की कोशिश की गई थी जिसे तत्कालीन सदर एसडीओ विकास कुमार ने विरोध प्रदर्शन और पूर्व सूचना न होने के कारण रोक दिया था।
प्रशासनिक देखरेख और मलबे की सफाई
हालिया कार्रवाई मजिस्ट्रेट राजेश कुमार की देखरेख में और भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच संपन्न हुई। अधिकारियों के अनुसार स्थल से मलबा हटाने का काम पूरा होने में दो से तीन दिन का समय लगने की उम्मीद है।