भागलपुर में सितंबर 2026 तक सीएनजी की भारी कमी देखने को मिल रही है और शहर का इकलौता सीएनजी पंप लगातार तीन दिनों से सूखा पड़ा है। मुंगेर मुख्य सड़क पर लगातार ट्रैफिक जाम रहने के कारण सप्लाई चेन पूरी तरह से ठप हो गई है और यह इस ईंधन संकट का सीधा कारण है। इस समस्या के कारण ऑटो-रिक्शा और टोटो चालकों की आजीविका पर बहुत बुरा असर पड़ा है, जो घंटों इंतजार करने के बाद भी ईंधन नहीं पा रहे हैं जिससे उनकी रोज की कमाई बहुत कम हो गई है।
यह ट्रैफिक जाम 31 अगस्त 2026 के आसपास शुरू हुआ था और नेशनल हाईवे 80 (एनएच-80) तथा नेशनल हाईवे 333बी (एनएच-333बी) पर चल रहे जाम से जुड़ा हुआ है। 3 सितंबर 2026 की रिपोर्ट से पता चलता है कि सड़क निर्माण कार्य, खराब होती सड़कों और हाल ही में हुई बारिश के कारण इन रास्तों पर लगातार चार दिनों से भारी ट्रैफिक लगा हुआ है।
भविष्य के बुनियादी ढांचे को देखते हुए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की भागलपुर में सीएनजी स्टेशन का दायरा बढ़ाने की योजना है। मुंगेर में तेलिया तालाब से भागलपुर तक आने वाली एक बड़ी सीएनजी पाइपलाइन परियोजना में काफी देरी हुई है। हालांकि इस पाइपलाइन प्रोजेक्ट को अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाना था, लेकिन चार लेन हाईवे के विकास कार्य के चलते इसका निर्माण रुक गया। मार्च 2026 तक यह पाइपलाइन केवल बरियारपुर तक ही पहुँच पाई थी। अधिकारियों का अनुमान है कि साल 2027 के अंत तक पाइपेड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सप्लाई भागलपुर पहुँच सकती है।
ईंधन का यह ताजा संकट शहर के इकलौते सीएनजी पंप पर पहले आई ऑपरेशनल समस्याओं के बाद आया है। जून 2026 में स्थानीय चालकों ने कम दबाव (स्टैंडर्ड 220 बार के मुकाबले 150-170 बार दबाव मिलना) और ज्यादा पैसे वसूलने के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया था। उस समय पंप के कर्मचारियों ने दबाव कम होने की वजह बिजली कटने और गैस की सीमित उपलब्धता को बताया था।