भागलपुर: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, अजीत शर्मा के नेतृत्व में फूंका पुतला

भागलपुर में जिला कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक अजीत शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला और समाहरणालय चौक पर पुतला दहन किया।
- पूर्व विधायक अजीत शर्मा के नेतृत्व में प्रतिरोध मार्च निकाला गया।
- समाहरणालय चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका गया।
- मतदाता सूची के पुनरीक्षण में धांधली और पक्षपात का आरोप लगाया गया।
- मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की गई।
- बिहार, बंगाल और असम के विधानसभा चुनावों को रद्द कर दोबारा मतदान की मांग।
- आगामी चुनावों को बैलेट पेपर से कराने की मांग।
विरोध प्रदर्शन और मार्च
प्रतिरोध मार्च की शुरुआत पूर्व विधायक अजीत शर्मा के आवास स्थित कांग्रेस कैंप कार्यालय से हुई। हाथ में तख्तियां और पार्टी के झंडे लिए सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समाहरणालय चौक पहुंचे। वहां कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित धांधली और पक्षपातपूर्ण निर्णय का आरोप लगाते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोप
प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस को कई गंभीर आपत्तियां हैं, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और उन्हें उन्हें पद से हटाया जाए।
प्रमुख मांगें
कांग्रेस नेताओं ने बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में हुए हालिया विधानसभा चुनावों को रद्द कर दोबारा मतदान कराने और आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की पुरजोर मांग उठाई। कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर उठे सवालों का निष्पक्ष समाधान होना चाहिए ताकि चुनाव प्रक्रिया में आम जनता का भरोसा कायम रह सके।
गौरतलब है कि देश के कई अन्य हिस्सों में भी कांग्रेस मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है।