भागलपुर में वार्ड 39 की पार्षद और नगर निगम कर्मचारियों के बीच बढ़ा विवाद

MyBhagalpur Team20 August 20262 min read37 viewsCity Local
भागलपुर में वार्ड 39 की पार्षद और नगर निगम कर्मचारियों के बीच बढ़ा विवाद

भागलपुर नगर निगम में बोर्ड की बैठक बार-बार स्थगित होने और विकास कार्य रुकने को लेकर वार्ड 39 की पार्षद शाहिदा खातून ने मेयर डॉ. वसुंधरा लाल और नगर आयुक्त योगेश कुमार सागर को पत्र लिखा है।

  • वार्ड 39 की पार्षद शाहिदा खातून ने बैठकों के बार-बार स्थगित होने पर जताई नाराजगी
  • कर्मचारी संघ ने 20 अगस्त 2026 को शुक्रवार और शनिवार को धरना देने की घोषणा की
  • 13 अगस्त 2026 को हंगामे के बाद बोर्ड की बैठक स्थगित करनी पड़ी थी

पार्षद शाहिदा खातून का विरोध

भागलपुर नगर निगम की वार्ड 39 की पार्षद शाहिदा खातून ने मेयर डॉ. वसुंधरा लाल और नगर आयुक्त योगेश कुमार सागर को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने बोर्ड की बैठकों के बार-बार स्थगित होने पर अपनी कड़ी नाराजगी जताई है। खातून ने कहा कि लगातार हो रही देरी और नगर निगम कर्मचारियों के खिलाफ जांच शुरू करने के प्रस्तावों से शहर के विकास कार्य ठप हो गए हैं। उनका कहना था कि इन प्रशासनिक रुकावटों से स्थानीय सरकार की छवि खराब हो रही है। इन प्रशासनिक रुकावटों से स्थानीय सरकार की छवि खराब हो रही है।

कर्मचारियों की हड़ताल की घोषणा

भागलपुर नगर निगम में तनाव 20 अगस्त 2026 को उस समय और बढ़ गया जब भागलपुर नगर निगम कर्मचारी संघ ने आगामी शुक्रवार और शनिवार को धरना प्रदर्शन करने की योजना की घोषणा की। यूनियन के सदस्यों ने कहा कि वे एक वार्ड पार्षद द्वारा कर्मचारियों के खिलाफ लगाए गए निराधार आरोपों के जवाब में यह कदम उठा रहे हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पार्षद ने कर्मचारियों पर अवैध वसूली के लिए दबाव बनाने की कोशिश की और डर का माहौल बनाया। यह सब 12 अगस्त को हुई सामान्य समिति की बैठक के दौरान कर्मचारियों पर लगाए गए निराधार आरोपों के कारण हुआ।

प्रशासनिक अस्थिरता और पुराने विवाद

नगर निगम प्रशासन लंबे समय से अंदरूनी कलह से जूझ रहा है। 13 अगस्त 2026 को एक आम बोर्ड की बैठक के दौरान भारी हंगामा हुआ, जिसमें पार्षदों ने अपनी सीटें छोड़कर फर्श पर धरना दिया और बैठक स्थगित कर दी गई। उनकी मांगों में ट्रेड लाइसेंस घोटाले और अन्य वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करना और लगभग 15 पार्षदों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना शामिल था। इन घटनाओं से पहले मार्च 2026 में वार्ड 13 के पार्षद रंजीत मंडल ने अनुबंध आवंटन में पारदर्शिता की कमी और मेयर की कार्यशैली के खिलाफ भूख हड़ताल की थी और 2020 से ही ऐसे विवाद लगातार चले आ रहे हैं।

Share:

Comments

Leave a comment