भागलपुर कोर्ट का बड़ा फैसला, दहेज हत्या के मामले में पति दोषी करार

भागलपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अपनी पत्नी लक्ष्मी उर्फ ललिता देवी की दहेज के लिए हुई मौत के मामले में अमित ठाकुर को दोषी करार दिया है। शनिवार को सुनाए गए इस फैसले में आरोपी को दहेज प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत दोषी पाया गया है।
लोक अभियोजक सत्यनारायण प्रसाद साह ने बताया कि यह कानूनी कार्रवाई बुद्धुचक थाने में दर्ज प्राथमिकी से शुरू हुई थी। शिकायत के अनुसार, लक्ष्मी के पिता ने 11 अक्टूबर 2024 को पुलिस को एक औपचारिक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी की मौत के हालाತ್ का विस्तार से विवरण दिया था।
दहेज में मांगी थी बाइक और दो लाख रुपये
पिता ने आरोप लगाया कि शादी के मात्र छह महीने बाद ही आरोपी अमित ठाकुर लगातार दहेज में एक मोटरसाइकिल और दो लाख रुपये की मांग कर रहा था। उन्होंने आगे गवाही दी कि लक्ष्मी अपने पति की लगातार मांगों की जानकारी देने के लिए अक्सर फोन पर उनसे बात करती थी।
फांसी देकर की थी हत्या
अभियोजन पक्ष का यह दावा था कि जब दहेज की मांगें पूरी नहीं हुईं, तो अमित ठाकुर ने अपनी पत्नी को फांसी पर लटकाकर उसकी हत्या कर दी थी।