भागलपुर: तीन बच्चों को सेप्टिक टैंक में डुबोकर मारने वाली माँ दोषी, पिता बरी
भागलपुर की एक अदालत ने तीन बच्चों को सेप्टिक टैंक में डुबोकर मारने के मामले में माँ को दोषी करार दिया है, जबकि पिता को बरी कर दिया गया।

बिहार के भागलपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना में अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश (16) संदीप सिंह की अदालत ने शुक्रवार को उस माँ को दोषी करार दिया, जिसने अपने ही तीन मासूम बच्चों की जान ले ली थी। भागलपुर सेप्टिक टैंक मर्डर केस में अदालत ने प्रेमलता कुमारी को दोषी पाया है, जिसने अपने बच्चों को सेप्टिक टैंक में डुबोकर उनकी हत्या कर दी थी।
यह खौफनाक वारदात साल 2019 में जिले के बाथ थाना क्षेत्र के करहरिया गांव में हुई थी। जांच में यह बात सामने आई थी कि 4 जनवरी 2019 को पति और पत्नी के बीच किसी बात को लेकर घरेलू विवाद हुआ था। इसी विवाद के बाद अगली सुबह 5 जनवरी को प्रेमलता ने इस वारदात को अंजाम दिया और अपने तीन बच्चों को सेप्टिक टैंक में डालकर मार डाला।
पति को सबूतों के अभाव में मिली राहत
इस मामले में प्रेमलता के साथ उसके पति देवेश कुमार रंजन को भी आरोपी बनाया गया था। हालांकि, अदालत ने देवेश के खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण उसे बरी कर दिया है और उसे घर जाने की अनुमति दे दी है। सरकारी पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक प्रफुल्ल चंद्र राही ने पैरवी की थी।
अदालत ने प्रेमलता कुमारी को दोषी तो करार दे दिया है, लेकिन उसकी सजा का ऐलान बाद की तारीख में किया जाएगा। इस फैसले के बाद इलाके में चर्चाएं तेज हैं कि कैसे एक माँ अपने ही बच्चों की जान ले सकती है।