अपहरण और जातिगत अपमान: भागलपुर कोर्ट ने युवक को सुनाई उम्रकैद
भागलपुर की विशेष अदालत ने अपहरण और जातिगत अपमान के मामले में मोहम्मद सैफ अली को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।

भागलपुर की एक विशेष SC/ST अदालत ने अपहरण और जातिगत भेदभाव के एक गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 23 वर्षीय मोहम्मद सैफ अली उर्फ मोहम्मद आशिक अंसारी को उम्रकैद की सजा दी है। यह युवक पीरपैंती थाना क्षेत्र के नवटोली गांव का निवासी है और मोहम्मद कासिम अंसारी का बेटा है।
यह पूरा मामला पीरपैंती इलाके से जुड़ा है, जहां एक युवती का अपहरण किया गया था। जब पीड़ित युवती के परिजन इस मामले की शिकायत लेकर आरोपी के घर पहुंचे, तो उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया। इसी घटनाक्रम के बाद मामला अदालत पहुंचा, जहां विशेष न्यायाधीश अमित कुमार सिंह ने 7 नवंबर को अपना फैसला सुनाया।
सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान
अदालत ने आरोपी को न केवल उम्रकैद की सजा सुनाई, बल्कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कठोर कारावास का आदेश भी दिया है। फैसले के मुताबिक:
- BNS की धारा 87 के तहत 7 साल का कठोर कारावास।
- BNS की धारा 69 के तहत 10 साल का कठोर कारावास।
- तीनों धाराओं के तहत 50-50 हजार रुपये का जुर्माना।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माना भरने में असमर्थ रहता है, तो उसे प्रत्येक धारा के लिए एक साल की अतिरिक्त साधारण जेल काटनी होगी। इस पूरे मामले की पैरवी सरकारी पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक रमेश चौधरी ने की, जिन्होंने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता को साबित किया।