भागलपुर कोर्ट ने रौनक केडिया हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सोमवार, 31 अगस्त 2026 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश-19 खुशबू श्रीवास्तव की अदालत ने यह फैसला दिया। - अमित कुमार सिंह उर्फ अमित मंडल और आलोक राज को उम्रकैद की सजा - दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना - जुर्माना नहीं भरने पर छह महीने की अतिरिक्त जेल - अजीत कुमार उर्फ आमका को सात साल की कठोर कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना
कोर्ट ने अमित कुमार सिंह उर्फ अमित मंडल और आलोक राज को रौनक केडिया की 2024 की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा अदालत ने दोनों दोषियों पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में छह महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। इस मामले में शामिल तीसरे आरोपी अजीत कुमार उर्फ आमका को आर्म्स एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत सात साल की कठोर कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष की ओर से यह मामला अपर लोक अभियोजक जयप्रकाश मंडल ने प्रभावी ढंग से रखा।
यह हत्या
7 अगस्त 2024 की रात करीब 9:50 बजे हुई थी। रौनक केडिया के सिर में छह गोलियां मारी गई थीं। उस समय उनके पिता बलराम Kedia कैंसर से जूझ रहे थे और उन्होंने अपने बेटे के लिए मदद और पानी की गुहार लगाई थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर अपने दरवाजे नहीं खोले और अस्पताल पहुंचने से पहले ही रौनक ने दम तोड़ दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) आनंद कुमार के अनुसार, हत्या की वजह आपसी पैसों का विवाद था। एसएसपी के आदेश पर टाउन एएसपी अजय कुमार चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस जांच में 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के 500 घंटे से ज्यादा के फुटेज की जांच की गई, जिसके बाद अपराध में इस्तेमाल हथियार और मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई।