सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने भागलपुर के आदमपुर इलाके में स्थित तपस्वी अस्पताल बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल पर छापेमारी करके एक साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश किया। एसएसपी के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के दौरान पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झारखंड निवासी कृष्णा कुमार सोनी (जिसे पुलिस मास्टरमाइंड बता रही है), तेजस्वी कुमार, नरहरि प्रियदर्शी, सनत कुमार और प्रह्लाद कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस ने मौके से 15 जिंदा कारतूस, सात मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, दो एप्पल आईपैड, एक लैपटॉप चार्जर, सात एटीएम कार्ड, चार पैन कार्ड, तीन एसबीआई डिपॉजिट स्लिप, एक पासबुक, एक चेकबुक और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
सिटी डीएसपी हेमंत कुमार के अनुसार, यह गैंग साइबर फ्रॉड से मिलने वाले पैसों को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करके मनी लॉन्ड्रिंग करता था और कमीशन काटकर बाकी पैसे आगे भेजता था। यह ग्रुप एक किराए के कमरे से काम कर रहा था जिसका पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था, जिसके बाद अधिकारियों ने मकान मालिकों को किरायेदारों का सत्यापन कराने की सख्त चेतावनी दी है।
गिरफ्तारी के बाद संदिग्धों ने खुद को बेकसूर बताया और दावा किया कि इस धंधे का असली मास्टरमाइंड सुधांशु नाम के डीएसपी का भतीजा है, साथ ही उन्होंने पुलिस पर उसे बचाने और उन्हें फंसाने का आरोप लगाया। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस ने इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक सामानों के डेटा की जांच करने, वित्तीय लेनदेन की समीक्षा करने और इस गैंग के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड तथा कुल ठगी की रकम का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।