भागलपुर में साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका निकाला है। अब वे युवाओं को बिजनेस और फ्रेंचाइजी के नाम पर चूना लगा रहे हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम और गूगल पर स्कूल, पेट्रोल पंप, ब्रांडेड कपड़ों के शोरूम और सैलून के फर्जी विज्ञापन देकर लोगों को आसान कमाई का लालच दिया जा रहा है। भागलपुर जिले में ऐसे तीन मामले सामने आए हैं जिनमें कुल 1.32 लाख रुपये की ठगी हुई है। अपराधियों का तरीका यह है कि वे विज्ञापन देखकर संपर्क करने वालों को बड़ी कंपनियों का प्रतिनिधि बताते हैं। वे रजिस्ट्रेशन फीस, जीएसटी, लाइसेंस और एग्रीमेंट के नाम पर पैसे वसूलते हैं और फिर बातचीत बंद कर देते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही तीन मामलों के बारे में।
तिलकामांझी के सुरखीकल निवासी नवीन कुमार 80 हजार रुपये की ठगी का शिकार हुए। पेट्रोल पंप फ्रेंचाइजी का ऑनलाइन विज्ञापन देखकर ऑयल कंपनी के नोडल अधिकारी बनकर लोगों ने उनसे संपर्क किया। कागजात और एनओसी के नाम पर उन्होंने 80 हजार रुपये दे दिए, लेकिन जब उन्होंने जमीन की जांच की मांग की तो आरोपियों से संपर्क टूट गया।
नाथनगर के रहने वाले विशाल कुमार को 12 हजार का नुकसान हुआ। उन्हें ज्यादा मासिक कमाई वाले प्ले-स्कूल की फ्रेंचाइजी देने का वादा किया गया था। फर्जी पीडीएफ एग्रीमेंट मिलने के बाद उन्होंने अलग-अलग शुल्कों के लिए 12 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। असली स्कूल के मुख्यालय से संपर्क करने पर पता चला कि ऐसी कोई फ्रेंचाइजी नहीं दी जा रही थी और वे ठगी का शिकार हो चुके थे।
भीखनपुर निवासी अविनाश कुमार और अमित कुमार 40 हजार रुपये गंवा बैठे। ब्रांडेड कपड़ों के शोरूम के सोशल मीडिया लिंक पर जवाब देते हुए उन्होंने स्टॉक और फ्रेंचाइजी फीस के तौर पर 40 हजार रुपये एडवांस दिए। जब वादा किया गया सामान नहीं पहुंचा और आरोपियों द्वारा दिया गया ऑफिस का पता फर्जी निकला तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि अधिकारी इस नए ट्रेंड पर कड़ी नजर रख रहे हैं। उन्होंने नागरिकों को सलाह दी कि वे निवेश करने से पहले आधिकारिक कंपनी की वेबसाइटों के जरिए जानकारी की पुष्टि करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर कोई अनजान व्यक्ति सोशल मीडिया पर फ्रेंचाइजी या निवेश के लिए पैसे मांगता है, तो लोग बहुत सावधान रहें और किसी भी धोखाधड़ी की सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।